मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में बागेश्वर सरकार की सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के पांचवें दिन बागेश्वर सरकार ने ग्वालियर अंचल में चल रहे जातिगत विवादों पर अपनी बात रखते हुए सामाजिक एकता और राष्ट्रवाद का संदेश दिया।बागेश्वर सरकार ने कहा कि जिस प्रकार छत को टिकाए रखने के लिए चार पिलर आवश्यक होते हैं, उसी प्रकार भारत में भारतीयता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए चारों वर्णों की भूमिका है। हमें जातिवाद में उलझने के बजाय राष्ट्रवाद के लिए आगे बढ़ना होगा, तभी भारत विश्वगुरु बनेगा।उन्होंने ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना क्षेत्र में जातिगत भेदभाव का जिक्र करते हुए कहा कि कहीं अगड़े-पिछड़े के नाम पर तो कहीं दूसरे वर्गों के नाम पर एक-दूसरे को गालियां दी जा रही हैं। हमें लगता है कि सनातन को कमजोर करने के लिए किसी दूसरे की जरूरत नहीं है, हिंदू स्वयं ही आपस में लड़कर अपनी शक्ति कमजोर कर रहे हैं।बागेश्वर सरकार ने उदाहरण देते हुए कहा कि कार चार पहियों के सहारे चलती है। यदि एक पहिया भी अलग हो जाए, तो कार आगे नहीं बढ़ सकती। उसी प्रकार ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और सेव सभी समाज के अंग हैं। हमें एक-दूसरे से अलग नहीं, बल्कि एकजुट होकर रहना चाहिए। जब समाज में एकता होगी, तभी समाज और राष्ट्र मजबूत बनेंगे।अंत में उन्होंने कहा,जातियों में लड़वाने वाले लोग हमारी नजर में देश के दुश्मन हैं। जो जातियों में लड़वाते हैं, वे देश के दुश्मन हैं।।


