गुना के नानाखेड़ी मंडी में बलराम महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दो भाजपा विधायक आमने सामने हो गए। गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि रामायण, महाभारत और अन्य लड़ाइयों में आदमी ही मरे। कोई भी औरत नहीं मरी। इस पर चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने आपत्ति लेते हुए कहा कि ऐसा नहीं है। महिलाओं ने भी बलिदान दिए हैं। बता दें कि कृषि उपज मंडी नानाखेड़ी में राज्य स्तरीय बलराम महोत्सव का आयोजन किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल से जुड़कर वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य, चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि अभी एक गाना चल रहा था ए वतन हम तेरे लिए जान भी देंगे। ये उल्टे गीत नहीं गाना चाहिए कि ए वतन तेरे लिए जान देंगे। जान देंगे नहीं, जान लेंगे। इन पर रोक लगाना चाहिए। प्रधानमंत्री भी कह रहे हैं कि प्राकृतिक खेती। विदेशी खाद को हम अपने देश में दौड़ दौड़ कर अपनाते हैं। उसका ये परिणाम हो रहा है कि हमारी धरती प्रतिदिन बंजर हो रही है। किसानों को ये समझना पड़ेगा कि हम इसको रेगिस्तान बनाने जा रहे हैं।लड़ाइयों में केवल पुरुष ही मरेसंबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि रामायण काल में रावण को बहुत लोगों ने समझाया। उसके भाई ने समझाया कि भैया तुम क्यों ये पराई स्त्री को ले आए हो, ये तो मौत का सामान है। इसे सम्समान भेज दो। पर आप देखो उस युद्ध में महिलाएं कोई नहीं मरी, मरे तो आदमी ही मरे। ये विडंबना हम को समझना पड़ेगी। ऐसा ही महाभारत में हुआ। एक करोड़ आदमी मारे गए एक पांचाली के पीछे। महिलाएं एक भी नहीं मरी, मरे तो आदमी ही मरे उसमें भी। ये हमे समझ में आना चाहिए।चांचौड़ा विधायक ने की आपत्तिपन्नालाल शाक्य ने आगे कहा कि अब अगला दौर आता है। पृथ्वीराज चौहान ने इस संयोगिता के पीछे अपने खुद के 55 सामंत कन्नौज से दिल्ली तक मरवा दिए। आज तक हम उसको भोग रहे हैं। ये तीन घटनाएं, आदमी मरे औरत एक भी नहीं मरी। इस पर चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने विधायक पन्नालाल शाक्य को टोकते हुआ कहा कि नहीं भाईसाहब ऐसा नहीं है। ये तो गलत बात है। महिलाओं ने भी बलिदान दिए हैं। मैं भी महिला हूं।विरोध के बाद गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा कि उन्होंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं और उन्हें मालूम है कि कहां क्या हुआ है। उन्होंने चांचौड़ा विधायक से बैठने के लिए कहा। दोनों विधायकों के बीच मंच से हुई इस बहस ने कार्यक्रम के मूल उद्देश्य से इतर राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया। कार्यक्रम में विधायक शाक्य ने भारत भूमि, खेती और किसानों के प्रति सम्मान की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर खेती कर अन्न पैदा किया जा रहा है, उसके प्रति भी गौरव और सम्मान का भाव होना चाहिए। बलराम कृषि महोत्सव जैसे कृषि केंद्रित कार्यक्रम में दो भाजपा विधायकों के बीच मंच पर हुई यह बहस अब चर्चा का विषय बन गई है। खासतौर पर महिलाओं को लेकर दिए गए ऐतिहासिक और धार्मिक उदाहरणों तथा उनके विरोध में महिला विधायक द्वारा तत्काल मंच से जताई गई आपत्ति ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक चर्चित बना दिया है।कार्यक्रम में कई किसानों को भी सम्मानित किया गया। इससे पहले डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर ने जिले में पारंपरिक खेती के अलावा आधुनिक खेती के बारे में किसानों को जानकारी दी। साथ ही गुलाब, थाई अमरूद की खेती के बारे में भी किसानों को अवगत कराया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर संजीव शर्मा ने दिया।