जेनेवा: यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) के निर्वासित चेयरमैन शौकत अली कश्मीरी (Shaukat Ali Kashmiri) ने एक बार फिर पाकिस्तान (Paksitan) को फटकार लगाई है. हालिया बयान में शौकत अली कश्मीरी ने कहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और गिलगित बाल्टिस्तान (Gilgit Baltistan) जम्मू और कश्मीर की पूर्ववर्ती रियासत का हिस्सा थे, जिन पर पाकिस्तान ने 1947 से अवैध तरीके से कब्जा किया हुआ है. मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कश्मीरी ने ये बयान दिया है.
मानवाधिकारों का हवाला
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में UKPNP के निर्वासित नेता शौकत अली ने जिनेवा में पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के कब्जे वाले क्षेत्र में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बात कही है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आज भी हथियार के तौर पर धर्म और विदेश नीति के तौर पर आतंकवाद के इस्तेमाल का विरोध करती है. गौरतलब है कि कश्मीरी यूनाइटेड पीपुल्स नेशनल पार्टी के प्रमुख स्विट्जरलैंड में निर्वासन में रह रहे हैं. उन्होंने अपने भाषण में ये भी कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए सुलझाया जाना चाहिए.
पाकिस्तान के संविधान का जिक्र
पाकिस्तान के संविधान में जम्मू और कश्मीर राज्य से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 257 पर कश्मीरी ने कहा, ‘जब जम्मू-कश्मीर राज्य के लोगों ने पाकिस्तान आने का फैसला लिया, तो पाकिस्तान और उस राज्य के लोगों के बीच का रिश्ता वहां के लोगों की इच्छा के अनुसार होना चाहिए था.’ संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक प्रस्ताव के अनुसार, पाकिस्तान पीओके और गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों की स्वतंत्रता, गरिमा और जीवन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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PEC पर दोहराया बयान
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गालियारे पर शौकत अली कश्मीरी ने कहा कि ये परियोजना गिलगित बाल्टिस्तान जैसे विवादित क्षेत्रों से गुजर रही है. इससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि UKPNP की मांग है कि पाकिस्तान सरकार उन सुरक्षाबलों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे जिन्होंने जम्मू कश्मीर और पाकिस्तान के लोगों को अगवा करके उनके मानवाधिकारों का हनन किया है. संबोधन में कश्मीरी ने ये भी कहा, ‘जबरन उठाए गए लोगों की फौरन रिहाई होनी चाहिए.’
जून 2020 में जताई थी चिंता
पाकिस्तानी कब्जे वाले गुलाम कश्मीर के वरिष्ठ नेता सरदार शौकत अली कश्मीरी ने पिछले साल भारत के लद्दाख इलाके में चीन की घुसपैठ पर कड़ा एतराज जताया था. जून, 2020 में उन्होंने कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन की सेनाएं जिस तरह से आमने-सामने हैं, उससे इलाके में तनाव बढ़ गया है. वहीं क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है.
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