भाजपा पर भड़की उमा भारती, जन आशीर्वाद यात्रा में न बुलाने से खफा

भोपाल।  रविवार से ही जनदर्शन यात्रा के पहले रथ को हरी झंडी दिखाई गई है। भाजपा जहां एक ओर पूरी तैयारी में जुटी है, वहीं दूसरी ओर पार्टी में एंटी इनकंबेंसी साफ दिखाई देने लगी है। जनदर्शन यात्रा को हरी झंडी दिखाई जाने के बाद नाराज नेताओं के बायन सामने आने लगे हैं।
उमा भारती का नाम इन नाराज नेताओं में शुमार हो गया है।
उमा आरती का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उनका दर्द छलक रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती कह रही हैं कि जन आशीर्वाद यात्रा में मुझे नहीं बुलाया गया। मुझे निमंत्रण नहीं दिया गया, कोई बात नहीं, अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार बनवाई, तो मैंने भी बनवाई, प्रचार किया, मेरा ध्यान रखना था, नहीं रखा, मुझे निमंत्रण नहीं दिया, मुझे तो अब डर है कि सरकार बनने के बाद यह मुझे पूछेंगे कि नहीं?

क्या है वीडियो में

वीडियो में उमा भारती कह रही है कि मैंने साल 2003 में मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनवाई थी। 2020 में भी सिर्फ सिंधिया ने ही नहीं, मैं भी सरकार बनवाई है। उपचुनाव में मेरा भी योगदान है। 2020 में मुझे कोरोना हो गया था, 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे थे तो भाजपा नेताओं ने मुझसे प्रचार के लिए मिन्नतें की थीं, मैंने प्रचार किया और 28 में से 22 सीटें जीतकर भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनाई थी, लेकिन अब मुझे नहीं पूछ रहे हैं।

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आपको बता दें कि उमा भारती मध्य प्रदेश की भूतपूर्व मुख्यमंत्री रही हैं। साल 2003 में उन्होंने भाजपा का सूखा खत्म करते हुए 10 साल बाद भाजपा सरकार की वापसी कराई थी। वह मुख्यमंत्री बनीं उसके बाद एक विवाद में फंसने के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ गया था। इसके बाद दोबारा कभी मध्य प्रदेश की राजनीति में उनकी वापसी नहीं हुई। हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में हुए सांसद का चुनाव लड़ी और केंद्रीय मंत्री भी बनाई गई थी। उमा भारती की छवि भाजपा की फायर ब्रांड नेत्रियों में शामिल है। पिछले कुछ सालों से उन्होंने मध्य प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाया था। जिसमें भी शिवराज सरकार को कई बार लपेटा। आखिरकार मध्य प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति बनाई, जिसमें की शराब की दुकानों के अहातों को बंद करने का ऐलान किया गया था। शिवराज सरकार के इस निर्णय को उमा भारती की जीत के तौर पर देखा गया था।

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