दरअसल, न्यूज 18 ने इससे संबंधित अभियान की शुरुआत की थी. (फाइल फोटो)
कोरोना वायरस (Coronavirus) की आपदा के बीच प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों की समस्या कम होती दिख रही है. यहां के कई जिलों में स्कूल प्रबंधन को 3 महीने तक फीस नहीं वसूले जाने का आदेश जारी हुआ है.
प्रदेश में लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद हैं. लेकिन इस दौरान कई जिलों से खबरें मिली थीं कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को SMS भेजकर अप्रैल, मई और जून की फीस जमा करने को कह रहे हैं. ऐसे में अभिभावकों की परेशानी दूर करने के लिए अब सरकार ने आदेश जारी किया है. प्रशासनिक पहल से स्कूली छात्रों के अभिभावकों की समस्या कम होती दिख रही है. आपदा की इस घड़ी में अभिभावकों के दर्द को समझते हुए News 18 ने ये मुहिम चला रखी है.
क्या कहना है जिलाधिकारियों का
उन्नाव के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने इस तरह के मुहिम के समर्थन की बात कही. उन्होंने कहा कि ये समय आपदा का है और इस समय जीवन की रक्षा करना ज्यादा महत्वपूर्ण है. डीएम ने कहा कि फीस की वसूली बाद में की जानी चाहिए और ये समय इसके लिए अनुकूल नही है. वहीं, झांसी के जिलाधिकारी आंद्रे वामसी ने भी कहा कि इस समय सबसे ज्यादा जरूरी ये है कि लोग अपने अपने घरों में रहें. वामसी ने ये भी कहा कि यदि एक महीने पढ़ाई स्थगित भी होती है तो ये ज्यादा बड़ी समस्या नहीं होगी.क्या कहना है स्कूल प्रबंधन का
इस बारे में एक निजी स्कूल संचालक लोकेश सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में फीस की वसूली का कोई प्रश्न ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि इन 3 महीनों की फीस बाद में ली जा सकती है. उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने अपने स्कूल में नियम बनाया है. इसमें बच्चों की 3 महीनों की फीस को अगले 9 महीनों की फीस के साथ 9 किश्तों में बांटकर लिया जाएगा. इससे जब स्कूल खुलेंगे और अभिभावक फीस जमा करेंगे तो उनपर एकाएक बोझ भी नही आएगा. वहीं राजधानी लखनऊ के निजी स्कूलों ने भी News 18 की इस पहल का स्वागत किया है.
जानिए अभिभावक संघ की प्रतिक्रिया
इधर, अभिभावक कल्याण संघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि News 18 ने अपने अभियान के जरिए स्कूलों द्वारा किए जा रहे शोषण की तरफ ध्यान दिलाया है. उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने के बाद फीस वसूली का सुझाव अच्छा है, लेकिन स्कूल प्रबंधन यदि 3 महीने की फीस माफ भी कर दे तो भी इन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. ज्यादातर स्कूल संचालक बड़े धन कुबेर हैं. मौजूदा माहौल को देखते हुए इन्हें 3 महीने की फीस माफ कर देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में 3 महीने की राहत अभिभावकों को बहुत सुकून पहुंचाएगी.
क्या कहता है नियम
आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण को यूपी सरकार ने आपदा घोषित किया है. ऐसे में जिलाधिकारियों को कई नए अधिकार दिए गए हैं. वैसे तो आपदा कानून पुराना है, लेकिन कोरोना से लड़ाई के लिए इसकी नियमावली में कई बदलाव किए गए हैं. इसी नियमावली के नियम 12 में जिलाधिकारियों को कोई भी आदेशात्मक या निरोधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार है. इसके मद्देनजर यूपी के कुछ जिलों में डीएम ने साधारण अपील तो कुछ जिलों में आदेश जारी करके फीस वसूली स्थगित करने को कहा है. उम्मीद की जानी चाहिए कि अगले एक दो दिनों में पूरे प्रदेश में ही ऐसे आदेश जारी कर दिए जाएंगे.
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First published: April 6, 2020, 5:40 PM IST