नई दिल्ली: बलूचिस्तान (Balochistan) में भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तान की सिक्योरिटी फोर्स को एक गंभीर कदम उठाना पड़ा है. दरअसल, बलूचिस्तान के ब्राबचा में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे थे जिसके बाद पाकिस्तानी सेना को सीमा पर से चेक पोस्ट हटानी पड़ी है.
बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना पर पत्थर बरसाए. इसके बाद यह फैसला लिया गया. वहां विरोध प्रदर्शन इतना हिंसक हो गया था कि प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ पत्थरबाजी की बल्कि सेना के ठिकानों के लिए बनी इमारतों में तोड़फोड़ और आगजनी की.
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बता दें कि यह बलूचिस्तान के तरबत शहर में पिछले महीने अपराधियों ने पाकिस्तानी सेना की आड़ में एक 4 साल के बच्चे ब्राम्श और उसकी मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी. जिसके विरोध में बलूचिस्तान के लोगों में काफी रोष है. लोग पाकिस्तानी सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.
बलूच के लोगों ने सोशल मीडिया पर #JusticeForBramsh हैशटैग के साथ ऑनलाइन कैंपेन भी चला रखा है. बलूच रिपब्लिकन पार्टी (बीआरपी) ने पिछले महीने की इस घटना के लिए पाकिस्तानी सेना की आलोचना की है और इसे पाकिस्ताना सेना की ओर से बलूचिस्तान में नरसंहार जारी रखने वाली गतिविधि कहा है जो कई सालों से जारी है.
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आपको बता दें कि बलूचिस्तान नेचुरल रिसोर्स से भरपूर महत्वपूर्ण इलाका है. लेकिन यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक प्राप्त नहीं हैं. यहां हॉस्पिटल भी नहीं हैं. कुछ मेडिकल सुविधाएं हैं लेकिन वहां जरूरी उपकरण नहीं हैं. शिक्षा, सड़क, पानी, खेती-बाड़ी के मामले में भी यही अवहेलना यह इलाका झेल रहा है. यहां के बारे में ऐसी भी रिपोर्ट्स आई हैं कि कई नेताओं, कार्यकर्ताओं और आवाज मुखर करने वाले स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों के साथ भी बुरा सलूक किया जाता है और उन्हें या तो मार दिया जाता है या फिर अपनी चौकसी में नजरबंद कर दिया जाता है. इस काम में पाकिस्तानी सेना सक्रिय रहती हैं.
बलूचिस्तान में इंसानिय के प्रति इस प्रकार के अपराध आज से नहीं सालों से जारी हैं और अब तो इन चीजों को वहां सामान्य ही मान लिया गया है. यूनाइटेड नेशन्स जैसी संस्थाओं में यहां के मानवाधिकार हनन की खबरें पहुंचाई गई हैं लेकिन हालात बदले नहीं हैं.