गुजरात: प्राइवेट लैब में भी करा सकेंगे कोरोना टेस्ट, सरकारी इजाजत की जरूरत नहीं – Gujarat on the prescription of private doctor corona test in private lab will not require government permission

  • गुजरात में कुल मरीजों का आंकड़ा 21 हजार से अधिक
  • तय फीस से ज्यादा वसूलने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने गुरुवार को कहा कि अब प्राइवेट डॉक्टर के प्रिसक्रिप्शन पर कोरोना का प्राइवेट लैब में टेस्ट कराना हो तो इसके लिए सरकारी अनुमति की जरूरत नहीं होगी. पटेल ने कहा कि कोरोना का इलाज करने वाले प्राइवेट अस्पताल निर्धारित फीस से ज्यादा वसूलते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्राइवेट लैब में जांच की अनुमति दी गई है. बता दें, गुजरात में कुल मरीजों का आंकड़ा 21 हजार से अधिक है, जिसमें 1347 लोगों की मौत हो चुकी है.

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कोरोना जैसी महामारी में भी गुजरात में प्राइवेट अस्पताल मरीजों से लाखों रुपये इलाज के नाम पर वसूल रहे हैं. ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सरकार ने सख्ती अपनाने का निर्देश दिया है. गुजरात सरकार के डिप्टी सीएम और हेल्थ मिनिस्टर नीतिन पटेल ने गुरुवार को कहा कि जो अस्पताल गुजरात सरकार के जरिये तय फीस से ज्यादा वसूली करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यहां तक कि गुजरात सरकार महामारी अधिनियम के तहत ऐसे अस्पतालों का लाइसेंस तक रद्द कर सकती है.

दरअसल, गुजरात में पिछले कुछ दिनों से लगातार इस तरह की शिकायत आ रही है कि प्राइवेट अस्पताल कोरोना मरीजों से लाखों रुपये इलाज के नाम पर वसूल रहे हैं. एक ऐसे ही वाकये में कोरोना ग्रस्त मरीज के रिश्तेदार चिराग पटेल ने आजतक को बताया कि उन्होंने अपनी 80 साल की चाची को अहमदाबाद के DHF अस्पताल में भर्ती करवाया था. वहां करीब 6 घंटे उनका इलाज चला और उसके बाद उनकी मौत हो गई, लेकिन इस 6 घंटे के इलाज के लिए उनसे 1 लाख 10 हजार रुपये वसूल लिए गए. ऐसे कई मामले सरकार के सामने आए हैं जहां प्राइवेट अस्पताल कोरोना के इलाज के लिए लाखों रुपये वसूल करते हैं.

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इसी क्रम में सरकार ने गुरुवार को घोषणा की है कि अब प्राइवेट लैब को कोरोना का टेस्ट करने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कोरोना टेस्ट में 4-5 दिन का वक्त लगता था या फिर सरकारी अस्पताल में कोरोना का टेस्ट करवाना पड़ता था. इस वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. ऐसे में अब एमडी या उसे अधिक डिग्री वाले डॉक्टर प्रिसक्रिप्शन में कोरोना का टेस्ट लिखते हैं, तो प्राइवेट लैब कोरोना का टेस्ट अब कर पाएंगे, उन्हें सरकार की इजाजत की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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