Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

टेस्ट बड्स को संतुष्ट करने और दिमाग को शांत करने का काम करता है सौंफ और मिश्री को साथ-साथ खाना। सौंफ हमारे पाचन के लिए भी बेहतरीन होती है। इसलिए जब भोजन के बाद सौंफ खाई जाती है तो पाचन आसान हो जाता है। गैस की समस्या नहीं होती और पेट में भारीपन नहीं होता। इन सब बातों का अर्थ ऐसा नहीं है कि सौंफ खाने से सिर्फ पेट ही ठीक रहता है। सौंफ संग मिश्री खाने से शरीर और मन दोनों को ही लाभ होता है। आइए, यहां जानते हैं कि आखिर इन दोनों का मेल ऐसा कौन-सा कमाल करता है कि रेस्त्रा से लेकर शादी-ब्याह में भी भोजन के बाद सौंफ-मिश्री खाने को मिल जाती है…
ब्रेन के लिए लाभकारी
-सौंफ हमारी पाचन के साथ ही हमारे दिमाग के लिए भी बहुत लाभकारी है। हमारे दिमाग पर सौंफ के पौषक तत्वों से अधिक इसकी अरोमा (प्राकृतिक खुशबू) का असर अधिक होता है। सौंफ चबाते समय इसका स्वाद हमारी जीभ के टेस्ट बड्स को फुलनेस (पूर्ण संतुष्टि) का अहसास करता है। जबकि इसकी अरोमा हमारे दिमाग को शांत करने का काम करती है। हमारी जीभ में जो टेस्ट बड्स यानी स्वाद कलिकाएं होती हैं, सौंफ खाते समय उनके संतुष्ट होने और दिमाग के शांत होने से हमारे शरीर में हैपी हॉर्मोन्स का सीक्रेशन अधिक होने लगता है।
दिमाग को शांत करने में सहायक है सौंफ
-जब हैपी हॉर्मोन्स जैसे, डोपामाइन, एंडोर्फिन और ऑक्सीटोसिन अच्छी मात्रा में होते हैं तो हमारी सोच और समझ का स्तर बेहतर होता है। हमारी सीखने की क्षमता (Learning habits) में विकास होता है। खास बात यह है कि इस दौरान हम जिन चीजों को सीखते और पढ़ते हैं। वे हमें लंबे समय तक याद रहती हैं। यानी हमारी यादाश्त बढ़ाने में सौंफ का तो सीधे तौर पर कोई रोल नहीं होता, इसके लिए हॉर्मोन्स जिम्मेदार होते हैं। लेकिन इन हॉर्मोन्स का सीक्रेशन जरूर सौंफ की सहायता से बढ़ाया जा सकता है।
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इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक
-सौंफ हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है। क्योंकि यह विटमिन-सी प्राप्त करने का एक प्राकृतिक माध्यम है। सौंफ खाते हुए सिर्फ तन और मन को शांत नहीं किया जा सकता बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं को बढ़ाने का काम विटमिन-सी ही करता है। विटमिन-सी शरीर में वाइट ब्लड सेल्स यानी WBC काउंट बढ़ाने में सहायता करता है।
-ये डब्लूबीसी ही वे कोशिकाएं हैं, जो शरीर में किसी वायरस या बैक्टीरिया के प्रवेश के बाद उसे यथा संभव मारने और शरीर में फैलने से रोक रखने का काम करती हैं। जब तक कि उस वायरस के खिलाफ शरीर में ऐंटिबॉडीज बनना शुरू नहीं हो जातीं! क्यों है ना कमाल की जानकारी! यानी खाना खाने के बाद सौंफ खाइए और स्वाद के साथ सेहत मुफ्त पाइए…।
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शरीर को मजबूत बनाए
-सौंफ का सेवन हमारी शारीरिक कमजोरी को दूर करने का काम भी करता है। क्योंकि सौंफ में बहुत सारे पौषक तत्व जैसे, मैग्नीशियम, कैल्शियम, मैग्नीज, पोटैशियम आदि पाए जाते हैं। ये सभी मिनरल्स हमारे शरीर की मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करने का काम करते हैं।
खाने के बाद क्यों खाते हैं सौंफ और मिश्री?
सौंफ के साथ मिश्री खाने का लाभ
-सौंफ के साथ मिश्री खाने का सबसे पहला लाभ तो यह है कि सौंफ का जो हल्का कसैला-सा स्वाद होता है, मिश्री के साथ इसे खाने से उस स्वाद का अहसास नहीं हो पाता है।
-सौंफ के साथ मिश्री खाने से दूसरा लाभ यह होता है कि भोजन करने की पूर्ण संतुष्टि हमारे शरीर और मन को प्राप्त होती है। इससे मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलती है।
-सौंफ के साथ मिश्री खाने का तीसरा लाभ यह होता है कि मिश्री यानी शुगर की बहुत सीमित मात्रा जब सौंफ के साथ शरीर में जाती है तो वह शारीरिक तौर पर शिथिलता का अहसास नहीं होने देती है। क्योंकि भोजन करने के बाद हम सभी को कुछ समय के लिए बहुत आलस आता है। सौंफ और मिश्री का सेवन हमें उस आलस से बचाता है।
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