जंगली जानवरों ने अन्नदाता परेशान , फसलों को नुक़सान पहुंचा रहे जंगली जानवर

शाजापुर जिले में 80 प्रतिशत किसान खेती किसानी के ऊपर निर्भर लोग निवास करते है जिले में बड़े उद्योग केंद्र नहीं होने से कृषि कार्य कर किसान अपनी जीवका चलते है लेकिन वर्तमान समय में जिले में किसानो ने गेहूं, चना , सरसो, लहसुन, प्याज, मेथी , एवं फलदार वृक्ष कर कृषि कार्य में व्यस्त है किसानो के द्वारा बोई गई फसल उत्पादन करने में जिले के किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है इसमें से प्रमुख समस्या है जंगली जीव जंतु की जिले में हिरण, नीलगाय (रोजड़ा) जंगली सुवर, सीढ़ी , आवारा मवेशी , की बढ़ती तादाद से किसान चिंतित है , किसानों को रात रात भर पहरा देने के बाद भी फसल नुकसान का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जंगली जीव जंतु किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं जिसका मुख्य कारण वर्तमान में जंगल की कटाई है।

आधुनिकीकरण की दौड़ में जंगलों को उजाला जा रहा है जिस पर कृषि की जा रही है एवं हरे भरे लहलहाते पेड़ो को काटा जा रहा है जैसे जंगल समाप्त हो जाता जा रहा है जिले में वन विभाग भी मौजूद है जो वनों के संरक्षण के लिए कार्य करता है लेकिन वन विभाग के नाकामी के चलते वनों की कटाई को नहीं रोका जा सका है जिले के सलसलाई क्षेत्र में मीडिया पोहोची जहां पर बेदानगर किसानों से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि उनके गांव में हिरणों के कई झुंड, नीलगाय जंगली सूअर सीडी ऐसे कई प्रकार के जंगली जानवर है जो उनके द्वारा बोई गई फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं समय-समय पर वहां आला अधिकारियों को शिकायत भी करते हैं एवं गुहार भी लगते हैं लेकिन धरातल पर किसने की समस्या का निराकरण नहीं हो पता है किसान ने कहा कि….

शासन को चाहिए जंगली जानवरों को यहां से सुरक्षित स्थान पर प्रस्तावित कर दे ताकि उनकी फसलों को नुकसान नहीं पहुंचे वही दिन किसानों के फैसले ज्यादा खराब हुई है उनका सर्वे कर उन्हें मुआवजा दिया जाए, साथी जिले में सक्रिय लकड़ी माफिया ऊपर भी कड़ी कार्रवाई की जाए वर्तमान में जिले में कहीं आरा मशीन संचालित होती है जहां पर बड़ी संख्या में लड़कियां मौजूद होती है इसके बाद भी वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है साथी वन विभाग को जमीन स्तर पर उतरकर नाम लोगों को पेड़ों के प्रति जागरूक करना चाहिए एवं पेड़ काटने वाले लोगों पर कार्यवाही करना चाहिए . शाजापुर जिले में आलू, प्याज बड़ी मात्रा में उत्पादित होता है जो महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश राजस्थान जैसे राज्यों में जाता है बावजूद इन फसलों को भी जंगली जानवरों से नुकसान हो रहा है मामले मै वन विभाग डीएफओ ने बताया कि जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए जल्द योजना बनाई जाएगी।।

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