‘will ensure safe return’, Yogi Adityanath appeals to UP migrant workers stranded in other states amid lockdown – केंद्र से घर जाने की इजाजत मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन में फंसे यूपी के कामगारों से की यह अपील…

केंद्र से घर जाने की इजाजत मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन में फंसे यूपी के कामगारों से की यह अपील...

लखनऊ :

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों और मजदूरों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे सब्र रखें और सरकार उन्हें उनके घरों तक पहुंचाने की विस्तृत कार्य योजना तैयार कर रही है.

गृह विभाग के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के मद्देनजर गठित ‘टीम-11’ के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान सभी राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों और श्रमिकों से भावुक अपील की. योगी ने कहा कि इन कामगारों ने अभी तक जिस धैर्य का परिचय दिया है, उसे बनाए रखें. संबंधित राज्यों  की सरकारों से संपर्क कर सभी को घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, इसलिए वे जहां हैं, वहीं रहें. संबंधित राज्य सरकारों के संपर्क में रहें और कतई पैदल ना चलें.

उन्होंने कहा कि श्रमिकों को घर वापस लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने संबंधित सभी राज्यों को पत्र लिखकर उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर और मेडिकल रिपोर्ट समेत विस्तृत विवरण मांगा है. अवस्थी ने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले कामगारों और श्रमिकों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री योगी ने राजस्व विभाग से 6 लाख लोगों के लिए पृथक-वास केंद्र, आश्रय गृह और सामुदायिक रसोई तैयार कराए हैं.

उन्होंने बताया कि गुरुवार को मध्यप्रदेश में फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों और श्रमिकों को वापस लाया जाएगा, उसके बाद गुजरात से ऐसे लोगों को लाया जाएगा. हरियाणा से 13 हज़ार लोगों को भी लाया जा रहा है. योगी ने निर्देश दिए कि नोएडा के साथ दिल्ली से भी उत्तर प्रदेश के छात्र-छात्राओं को वापस लाने के लिए वहां की सरकार से सम्पर्क किया जाए. नोएडा, गाजियाबाद तथा अलीगढ़ से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वापस जाने वाले छात्रों की सूची तैयार करायी जाए और इन छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की जाए. इन जिलों में पढ़ रहे अन्य राज्यों के छात्रों की सूची तैयार करते हुए इन्हें उनके गृह राज्य वापस भेजने के लिए सम्बन्धित प्रदेश सरकार से सम्पर्क किया जाए. इस कार्यवाही को सम्पन्न करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की जाए.

अवस्थी ने बताया कि योगी सरकार ने इससे पहले दिल्ली से 28 और 29 मार्च को चार लाख लोगों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया. हरियाणा और राजस्थान से भी 50 हज़ार लोगों को घरों तक पहुंचाया गया है. उन्होंने बताया कि राजस्थान के कोटा में फंसे उत्तर प्रदेश के 11,500 छात्र-छात्राओं को भी योगी सरकार घरों तक पहुंचा चुकी है. इसके अलावा प्रयागराज से प्रदेश के विभिन्न जिलों के 15 हज़ार छात्रों को भी घरों तक पहुंचाया जा चुका है. अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि नेपाल राष्ट्र सहित अन्य राज्यों से बगैर अनुमति कोई प्रदेश में आने न पाये.

उन्होंने कहा कि 10 लाख लोगों के लिए तत्काल पृथक-वास केंद्र, आश्रय गृह और सामुदायिक रसोई तैयार किये जाएं, जहां आने वाले प्रवासी मजदूरों को तात्कालिक रूप से रखा जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिरिक्त वेंटिलेटरों की तात्कालिक आवश्यकता होने पर पोर्टेबल वेंटिलेटर मंगाए जाएं. सभी जिलों में इन्फ्रा-रेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रवासी श्रमिकों की सुगमता से जांच की जा सके.


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