चंद्रयान-3 की कुशलता के लिए कामना, कल शाम 6:04 बजे चांद में करेगा लैंडिंग

नई दिल्ली। देशभर में चंद्रयान-3 की कुशलता के लिए कामना का दौर शुरू हो गया है। इसरो, चंद्रयान—3 के लैंडर को बुधवार को शाम 6:04 बजे 25 Km की ऊंचाई से लैंड कराने की कोशिश कर रहा है। इसमें 15 से 17 मिनट लगेंगे। इसरो के वैज्ञानिक इसे समय को 15 मिनिट्स ऑफ टेरर यानी ‘खौफ के 15 मिनिट्स’ कहा जाता है। अगर भारत सफल हुआ तो दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला भारत, दुनिया का पहला देश बन जाएगा।वैज्ञानिकों के अनुसार चंद्रमा पर उतरने से दो घंटे पहले, लैंडर मॉड्यूल की स्थिति और चंद्रमा पर स्थितियों के आधार पर यह तय करेंगे कि उस समय इसे उतारना उचित होगा या नहीं। अगर कोई भी फैक्टर तय पैमाने पर नहीं रहा तो लैंडिंग 27 अगस्त को कराई जाएगी। आपको बता दें कि चंद्रयान का दूसरा और फाइनल डीबूस्टिंग ऑपरेशन रविवार रात 1 बजकर 50 मिनट पर पूरा हुआ था। इसके बाद लैंडर की चंद्रमा से न्यूनतम दूरी 25 किमी और अधिकतम दूरी 134 किलोमीटर रह गई है। डीबूस्टिंग में स्पेसक्राफ्ट की स्पीड को धीमा किया जाता है। अगर लैंडिंग सफल रही तो विक्रम चालू होगा और इसरो को जानकारी भेजेजगा। फिर रैंप खुलेगा और प्रज्ञान रोवर रैंप से चांद की सतह पर आएगा। विक्रम लैंडर प्रज्ञान की फोटो खींचेगा और प्रज्ञान विक्रम की फोटो लेगा।इन फोटोज को पृथ्वी पर स्थित इसरो के वैज्ञानिकों को भेजेगा।

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