women’s health problems and solutions: International Women’s Day 2021: महिलाओं में बसती है परिवार की जान, इन 8 बीमारियों से रखें उन्‍हे सावधान – womens day 2021 common womens health issues concern age related disease hindi

हमारा स्वास्थ्य हमारी सबसे बड़ी दौलत है। इसका मोल तब समझ आता है, जब हम इसे खो देते हैं। अपने जीवन में हम औरतें कब और कितनी बार बीमार पड़ती हैं, पता नहीं। परिवार की जिम्मेदारी निभाने के चक्कर में खुद के स्वास्थ्य के साथ अच्छा खासा खिलवाड़ होता है। ऐसा नहीं है कि पुरूष बीमार नहीं पड़ते या उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं होती। दोनों अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं से गुजरते हैं। इस वजह से दोनों में होने वाली बीमारी का इलाज भी अलग होता है। लेकिन कई स्वास्थ्य समस्याएं केवल महिलाओं को ही ज्यादा प्रभावित करती हैं।

आपको शायद यकीन न हो, लेकिन पुरूषों की तुलना में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में महिलाओं का आंकड़ा ज्यादा होता है। अवसाद और चिंता के लक्षण महिला रोगी में ज्यादा देखे जाते हैं। यहां तक की यूरेनरी टैक्ट की स्थिति से भी ज्यादातर महिलाओं गुजरती हैं और यौन संचारित रोग महिलाओं को ही ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। ये सभी बीमारियां उनके जोखिम को बढ़ाकर उनसे उनकी जिन्दगी तक छीन सकती हैं। वुमन्स डे के मौके पर हम आपको बता रहे हैं महिलाओं में सबसे ज्यादा जोखिम पैदा करने वाली इन 8 बीमारियों के बारे में।

​अवसाद और चिंता

इन दोनों स्थितियों पर महिलाओं का ध्यान जरा कम ही जाता है, लेकिन बार-बार ऐसा होना चिंता की बात है। हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव अवसाद या चिंता पैदा कर सकता है। पेरीमीनापॉज और रजोनिवृत्ति में बदलाव अवसाद का कारण बन सकता है।

​गर्भावस्था से जुड़े मुद्दे

गर्भावस्था महिलाओं के लिए बहुत अच्छा अनुभव है। लेकिन किसी महिला को अस्थमा, मधुमेह या अवसाद है तो ऐसे में मां और बच्चे दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। गर्भावस्था में एक महिला के शरीर में खून की कमी हो सकती है, जिसे एनीमिया कहते हैं। एक गंभीर समस्या तब पैदा होती है जब बच्चा गर्भाशय में न आकर फैलोपियन ट्यूब में चला जाता है। यह स्थिति एक महिला के लिए बहुत घातक है। यह कई महिलाओं के मौत का कारण भी है।

​स्त्री रोग संबंधी स्वास्थ्य

महिलाएं मासिक धर्म, प्रसव, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति जैसे कई चरणों का अनुभव करती हैं। ब्लीडिंग और डिस्चार्ज भी मासिक धर्म चक्र का एक हिस्सा है, जो स्थिति को बदतर बना सकता है। कई बार यौनि से जुड़ी समस्या भी रिप्रोडक्टिव ट्रेक्ट कैंसर को जन्म देती है। अनदेखा करने पर इंफर्टिलिटी और किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थितियां बन सकती हैं।

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​दिल की बीमारी

आमतौर पर हार्ट अटैक पुरूषों की बीमारी मानी जाती है। लेकिन ऐसा नहीं है। ह्दय रोग पुरूषों में एक आम बीमारी है, लेकिन यह महिला और पुरूष दोनों को समान रूप से प्रभावित करती है। अब भी केवल 54 प्रतिशत महिलाओं को पता है कि यह उनके लिंग को खतरे में डालने वाली सबसे खतरनाक हेल्थ कंडीशन है।

​ ओवेरियन एंड सर्वाइकल कैंसर

कई महिलाएं आज भी दोनों के बीच का अंतर नहीं जानती। ओवेरियन कैंसर निचले गर्भायाय में होता है, जबकि सर्वाइकल कैंसर की शुरूआत फैलोपियन ट्यूब से होती है। दोनों स्थितियों में दर्द एक जैसा होता है। लेकिन ओवेरियन कैंसर में संभोग के दौरान महिलाएं डिस्चार्ज और दर्द का अनुभव करती हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर्स पैप स्मीयर टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इस टेस्ट के जरिए सर्वाइकिल कैंसर का पता लगाना आसान है , ओवेरियन कैंसर का नहीं।

​ब्रेस्ट कैंसर

महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर मौत का सबसे बड़ा कारण है। यह अक्सर मिल्क डक्ट के सतह में उत्पन्न होता है। शुरूआत में महिलाएं स्तन में गांठ का अनुभव कर सकती हैं। इसलिए समय न गंवाते हुए डॉक्टर से इसकी जांच कराना बेहद जरूरी है।

​ऑटोइम्यून डिसीज

इस बीमारी के बारे में जितनी जल्दी पता चल जाए, उतना अच्छा है। यह बीमारी तब होती है जब वायरस सेल्स पर अटैक करते हैं। इसके लक्षणों में थकावट, हल्का बुखार, दर्द, त्वचा में जलन आदि शामिल है। इस स्थिति से पीडि़त लोग प्राकृतिक चिकित्सा का सहारा लेते हैं।


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