वॉशिंगटन: विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मेलपास (David Malpass) ने सोमवार को कहा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण विकासशील देशों में बच्चों की मृत्यु दर में खासा इजाफा हो सकता है.
मेलपास ने यह बात अगले सप्ताह होने जा रही विश्व बैंक (World Bank) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) की वार्षिक बैठक से पहले एक वर्चुअल चर्चा के दौरान कही. उन्होंने कहा, ‘शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि स्वास्थ्य सेवाओं और भोजन की कमी की वजह से बाल मृत्यु दर (Child Mortality Rate) में 45 प्रतिशत तक की संभावित वृद्धि हो सकती है.’
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शिक्षा पर भी असर
मेलपास ने कहा कि विश्व बैंक ने ये अनुमान आने वाले सालों में बाल मृत्यु दर में होने वाली वृद्धि को लेकर लगाया है. विश्व बैंक के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि महामारी के दौरान शैक्षिक प्रशासन में आईं कठिनाइयों से भी भविष्य में विकासशील देशों के लिए अहम मुद्दे पैदा हो सकते हैं.
उन्होंने आगे कहा, ‘जब से कोविड-19 प्रकोप हुआ है उसके बाद से ही विकासशील देशों में 1.6 अरब से अधिक बच्चे स्कूल से बाहर हो गए हैं. इससे इन छात्रों द्वारा उनके पूरे जीवनकाल में की जा सकने वाली कमाई में 10 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर की संभावित हानि का अनुमान लगाया गया है.’
उन्होंने कहा कि विश्व बैंक जरूरतमंद देशों की स्वास्थ्य और शिक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए हर तरह से कोशिश कर रहा है.

