‘Wuhan Diary’ released in India, know what is written in this death diary … | भारत में रिलीज हुई ‘वुहान डायरी’, मिलेगी भय-क्रोध, कुंठा और लाखों लोगों की दर्दनाक झलक

नई दिल्ली: जानी-मानी चीनी साहित्यकार फांग फांग की चर्चित ‘वुहान डायरी: डिस्पैचेज फ्रॉम ए क्‍वारंटीन्‍ड सिटी’ को भारत में ईबुक फॉरमेट में जारी कर दिया गया है.

हार्पर नॉन-फिक्शन द्वारा प्रकाशित इस किताब का ऑडियो 26 मई को आएगा.  15 भाषाओं में अनुवादित होने वाली यह पुस्तक, लेखक की डायरी प्रविष्टियों और सोशल मीडिया की उन पोस्ट का संकलन है जो COVID-19 महामारी के दौरान उन्‍होंने लिखी थीं. यह वुहान के 60 दिनों के लॉकडाउन का एक दस्तावेज है.

25 जनवरी, 2020 को चीन की केंद्र सरकार द्वारा वुहान में लॉकडाउन किए जाने के बाद, फांग फांग ने एक ऑनलाइन डायरी प्रकाशित करना शुरू किया था. उसके बाद के दिनों और हफ्तों में इस प्रशंसित लेखक की हर रात की जाने वाली पोस्‍ट ने भय, कुंठाओं, क्रोध और लाखों साथी नागरिकों की आवाज उठाई, जिसमें जबर्दस्ती किए गए इस अलगाव के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को दर्शाते हुए, इंटरनेट की दोहरी भूमिका भी दिखाई. जो कि इस दौरान एक जीवन रेखा भी बन गया था और दूसरी ओर गलत सूचना का स्रोत भी. 

जैसा कि लेखक ने खुलासा किया है यह घटनाओं का एक ऐसा प्रत्यक्षदर्शी दस्‍तावेज है  जो वुहान के दैनिक जीवन की चुनौतियों और बदलते मूड और बिना विश्वसनीय जानकारी के क्‍वारंटीन होने की भावनाओं को दर्शाता है. फांग फांग छोटे घरेलू सुख-साधनों में एकांत में रहती हैं और अपने दोस्तों, स्वास्थ्य पेशेवरों और स्वयंसेवकों के साहस के साथ-साथ वुहान के नौ मिलियन निवासियों की दृढ़ता और दृढ़ता से प्रेरित हैं. वह सामाजिक अन्याय, सत्ता के दुरुपयोग, और अन्य समस्याओं के खिलाफ बोलती हैं, जो महामारी की प्रतिक्रिया में रूकावट डालते हैं और इसकी वजह से ऑनलाइन विवादों में फंस जाती हैं.

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जैसा कि लेखक ने वास्तविक समय में वैश्विक स्वास्थ्य संकट की शुरुआत का डॉक्‍यूमेंटेशन किया है, इससे कोई भी उस पैटर्न और गलतियों की पहचान करने में सक्षम हैं जो कि इस कोरोना वायरस (Corona) महामारी से निपटने वाले कई देशों ने बाद में दोहराया है. वह याद दिलाता है कि इस नए वायरस के सामने वुहान के नागरिकों की दुर्दशा भी हर जगह के नागरिकों जैसी है. वह लिखती हैं, “यह वायरस पूरी मानव जाति का एकसमान दुश्मन है. यह पूरी मानवता के लिए एक सबक है. हम इस वायरस को जीत सकते हैं और इसकी चपेट से खुद को मुक्त कर सकते हैं. इसके लिए पूरी मानव जाति को एक साथ काम करना जरूरी है.”

वुहान के लोगों को इस पुस्तक समर्पित करते हुए फांग फांग का कहना है कि यह उन लोगों के लिए भी है जो अपने सबसे बुरे वक्‍त के दौरान शहर की सहायता के लिए आए थे. इस पुस्तक से हुई आय का उपयोग उन लोगों की सहायता के लिए किया जाएगा, जिन्होंने अपना जीवन वुहान के लिए लगा दिया था. 

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