Wuhans locals accuse government of threatening them for filing COVID lawsuits | कोरोना पर अपने ही घर में घिरा चीन, सरकार के खिलाफ अदालत पहुंच रही जनता

बीजिंग: कोरोना महामारी (Coronavirus) को लेकर दुनिया के निशाने पर आये चीन (China) का घर में ही विरोध शुरू हो गया है. चीन के लोग कोरोना वायरस (CoronaVirus) से निपटने के सरकारी प्रयासों से नाराज हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं.  

कोरोना के केंद्र रहे वुहान (Wuhan) में लोगों का गुस्सा इस कदर बढ़ गया है कि वे अब सरकार के विरुद्ध अदालत का दरवाजा खटखटा रहे हैं. हालांकि, यह बात अलग है कि चीन में सरकार के खिलाफ एक कदम भी आगे बढ़ाने की इजाजत नहीं है. 

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लापरवाही तो मानव निर्मित है
67 वर्षीय हैंन हेंग (Zhong Hanneng) के बेटे और कुछ रिश्तेदारों की मौत कोरोना के चलते हो गई थी. उन्होंने इसके लिए सरकारी लापरवाही को दोषी ठहराया और स्थानीय सरकार के खिलाफ मुकादम दायर करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सकीं. सरकार के रवैये से नाराज हैंन हेंग ने कहा, ‘वे कहते हैं कि कोरोना प्राकृतिक आपदा है, लेकिन लापरवाही तो मानव निर्मित है और ऐसा करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. मेरा परिवार बिखर गया है, मैं जीवन में अब कभी खुश नहीं रह पाउंगी’.

लगातार मिल रहीं धमकियां
हैंन हेंग अकेली नहीं हैं, उनके जैसे दर्जनों लोग सरकार के खिलाफ केस दर्ज करवाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें प्रशासन की तरफ से लगातार धमकाया जा रहा है. यहां तक कि वकीलों को भी चेतावनी दी गई है कि इस मामले में स्थानीय लोगों की मदद करने के गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. हालांकि, इसके बावजूद कुछ वकील गुपचुप तरीके से न्याय की लड़ाई में लोगों का साथ दे रहे हैं.

अदालत ने किये खारिज
अब तक वुहान इंटरमीडिएट कोर्ट (Wuhan Intermediate Court) में लगभग पांच मामले दायर किए गए हैं, जिसमें सरकार पर कोरोना वायरस की सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया गया है. मामला दर्ज करने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने दो मिलियन युआन (295,000 डॉलर) की क्षतिपूर्ति और सरकार की तरफ से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है. हालांकि, अदालत ने अनिर्दिष्ट प्रक्रियात्मक आधार पर मुकदमों को अस्वीकार कर दिया है. गौर करने वाली बात यह है कि इस संबंध में कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है. लोगों को फोन द्वारा यह बताया गया है कि उनकी अपील खारिज हो गई है. जबकि इस तरह के मामलों में लिखित नोटिस जारी किया जाता है. 

डरी हुई है सरकार
महामारी के चलते अपने पिता को खोने वाले झांग हाई (Zhang Hai) ने कहा कि स्थानीय सरकार नहीं चाहती कि कोई उसके खिलाफ अदालत का रुख करे. अधिकारियों द्वारा लगातार हमें धमकाया जा रहा है. वे जानते हैं कि यदि एक मामला भी दर्ज हो जाता है, तो अपनों को खोने वाले सैंकड़ों लोग सरकार के खिलाफ उतर आएंगे.   

ये हैं आरोप
लोगों का आरोप है कि वुहान और हुबेई प्रांत की सरकारों ने कोरोना के बारे में जानकारी छिपाई, समय पर दुनिया को अलर्ट नहीं किया, जिसकी वजह से कोरोना महामारी में तब्दील हो गया. उनका यह भी कहना है कि सरकारें इस सच्चाई को भी छिपाती रहीं कि वायरस प्राकृतिक नहीं बल्कि लैब-निर्मित है. गौरतलब है कि चीन की महिला वायरोलॉजिस्ट (Chinese virologist) डॉ. ली-मेंग यान (Dr. Li-Meng Yan) ने भी कहा है कि कोरोना मानव निर्मित है और वुहान की लैब में इसे बनाया गया था.

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