जोगी परिवार के सदस्य इस दौरान मौजूद रहे. (Demo Pic)
पहले मुख्यमंत्री स्व.अजीत जोगी का निधन 29 मई 2020 को रायपुर के एक निजी अस्पताल में हो गया था. स्व. अजीत जोगी ने निधन से पहले अपने कब्र की मिट्टी को इन जगहों पर विसर्जित किए जाने की इच्छा जताई थी.
बेटे ने पूरी की पिता की अंतिम इच्छा
भगवानू नायक ने बताया कि अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी और पत्नी डॉ. रेणु जोगी, धर्मजीत सिंह समेत उनके पैतृक गांव जोगीसार के पारिवारिक सदस्यों और कंवर समाज के लोगों द्वारा स्वर्गीय अजीत प्रमोद कुमार जोगी के मिट्टी कलश यात्रा निकली गई. यह कलश यात्रा,गौरेला के पावर हाउस तिराहा के पास कब्रिस्तान से निकलकर जलेश्वर मार्ग होते हुए अमरकंटक पहुंची. वहीं गौरेला, पुराना गौरेला, अंजनी, चुकतीपानी आदि जगह मे रोकर कर लोगों ने कलश के दर्शन भी किए.
अमित जोगी ने एक ट्वीट भी किया है
पापा की कविता ‘वसीयत’ के अनुरूप गौरेला में उनकी समाधि को मोहलाईन के मुलायम पत्तों से लपेटके,उसको महुआ,चार,चिरौंजी,तेंदू और बेल के फलों से सजाकर,और उनकी मिट्टी को उनके अंचल की दो पहाड़ी नदियों-उनकी गंगा और जमुना-नर्मदा और सोन के उद्गम में बहाकर, मैंने उनकी ये चार इच्छाएँ पूरी करीं pic.twitter.com/DPBxtQ1TA0
— Amit Jogi (@amitjogi) June 3, 2020
अमरकंटक में कलश से कुछ मिट्टी नर्मदा संगम में प्रवाहित किया गया. इसी संगम में अमित जोगी ने धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार स्वर्गीय अजीत जोगी का पिण्डदान भी किया. इसके बाद इस कलश की मिट्टी को नर्मदा अरंडी संगम, अचानकमार के माटीनाला, केवंची और पीढ़ा के जंगलों में भी विसर्जित किया गया. इस कार्यक्रम में लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह, बलौदाबाजार विधायक प्रमोद शर्मा और जोगी परिवार के अन्य सदस्य शामिल हुए. आपको बता दें कि अजीत जोगी का अंतिम संस्कार ईसाई रीति रिवाज से किया गया था.
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First published: June 3, 2020, 3:32 PM IST


