- कांग्रेस ने हरियाणा सरकार पर लगाए आरोप
- युवाओं को नौकरी ना देने का उठाया है मुद्दा
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नौकरियों के सवाल पर हरियाणा सरकार को घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार हरियाणा प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना रही है. खट्टर सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों की नौकरियों के इंटरव्यू के पश्चात भी रिजल्ट ना निकालना गठबंधन सरकार की युवा विरोधी सोच को प्रदर्शित करता है.
सुरजेवाला ने कहा कि 10 लाख से अधिक युवा साल 2015 से आज तक साढ़े 5 वर्षों से हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के द्वारा एडवरटाइज की गई नौकरियों के नतीजे के इंतजार में हैं. यह वो 9 श्रेणियां हैं वर्ष 2015 से आजतक जिनके परिणाम भी खट्टर सरकार ने नहीं निकाले. यह 10 लाख युवा कहां जाएं? ऐसी कई नौकरियां हैं.
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सुरजेवाला ने उदाहरण देते हुए कहा, “टीजीटी संस्कृत, जहां फरवरी 2017 में परिणाम आ गया, लेकिन ढाई साल से खट्टर साहब आपने उनको नियुक्ति पत्र नहीं दिया. वो दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. जैसे जेबीटी अध्यापकों को आपने दिलाई थी.” सुरजेवाला ने आगे कहा, “1500 से ज्यादा नौकरियों से कच्चे कर्मचारियों को निकाल दिया गया. इसी प्रकार से हर रोज नौकरियां बर्खास्त कर रहे हैं. हरियाणा के युवाओं के भविष्य को अंधकारमय मत करिए.”
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कांग्रेस प्रवक्ता ने हरियाणा सरकार पर अपना हमला जारी रखते हुए कहा, “हमारी मांग है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एक श्वेत पत्र जारी करें और यह बताएं कि 5 साल में कितनी नौकरियां दीं. और कितने लाख पद हरियाणा में खाली पड़े हैं. और कितने दिनों के अंदर वो पद भरे जाएंगे. और वर्ष 2015 से लंबित इन सारी नौकरियों के परिणाम निकाले जाएं अगले 30 दिनों में. और टीजीटी संस्कृत जैसे दूसरे बच्चे हैं जो ढाई साल से नियुक्ति पत्र के इंतजार में हैं, 15 दिन में इन्हें नियुक्ति पत्र दिए जाएं. और 1500 से ज्यादा बर्खास्त कर्मचारियों की नौकरी बहाल की जाए. यह हरियाणा के लोगों की मांग है.”
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