छत्तीसगढ़ भाजपा में बड़े बदलाव की आहट, रमन, धरम और साय की हो सकती है छुट्टी, चेहरे को लेकर घमासान

रायपुर. पिछले 15 सालों तक सत्ता में रहने वाली छत्तीसगढ़ भाजपा को साल 2018 के विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. इन चुनावों में मिली हार के बाद भाजपा इतनी हताश और निराश हो गई की आज तक कोई बड़ी जीत हासिल नहीं कर पाई है. चार-चार उपचुनाव सहित नगरीय निकाय चुनावों में बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. इसको लेकर अब पार्टी आला कमान ने संज्ञान लिया है. माना जा रहा है कि बीते दिनों दिल्ली में चार बड़े चेहरों को तलब किया गया था.

जिसमें डॉ रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, विष्णुदेव साय और पवन साय शामिल थे. सूत्रों की मानें तो चारों को चेहरा परिवर्तन का कड़ा संदेश दे दिया गया है. कहा गया है कि आप बेहतर विकल्प तलाश कीजिए वरना नाम सीधे उपर से तय किया जाएगा. बहरहाल छत्तीसगढ़ बीजेपी की स्थिति पर दिल्ली में हुए मंथन के बाद सूबे में सियासत गर्म है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीजेपी चाहे चेहरा बदलने की बात कहें या नेतृत्व परिवर्तन, मगर सच्चाई यह है कि आज भी रमन सिंह के चेहरे से बड़ा चेहरा बीजेपी के पास मौजूद नहीं है.

कांग्रेस नेता लगातार भाजपा पर हमलावर
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद भाजपा ने बतौर विपक्ष तीन सालों तक सरकार और सत्ताधारी दल कांग्रेस के खिलाफ ऐसा माहौल बनाया कि पंद्रह सालों तक सत्ताशीन रही. मगर साल 2018 के बाद आज तक बीजेपी उस फॉर्म में नजर नहीं आई. यही वजह है कि अब चेहरा सहित नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा आम हो चली है.

बहरहाल बीजेपी की अंदुरूनी स्थिती से सत्ताधारी दल कांग्रेस की बांछे खिल गई हैं. वहीं भाजपा बचाव करती नजर आ रही है. कांग्रेस कह रही है कि बीजेपी के नेता 15 सालों तक सत्ता की मलाई खाते रहे और सभी पर कमोबेश भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. इसी कारण चेहरा कोई भी आरोप तो पहले से ही तय हैं. वहीं बीजेपी प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का दावा है कि बीजेपी संगठन आधारित पार्टी हैं ना कि चेहरा आधारित.

रमन सिंह से बड़ा चेहरा नहीं
बीजेपी में चेहरे और नेतृत्व पर चर्चा के बीच एक सच्चाई यह भी है कि जब साल 2000 में राज्य गठन हुआ था तब डॉ रमन सिंह ना तो प्रदेश के चेहरे थे और ना ही नेतृत्व. इसके बाद भी भाजपा ने विपक्ष के तौर पर यहां जमकर माहौल बनाया.

साथ ही सभी दिग्गजों को पछाड़ रमन सिंह पहले अध्यक्ष बने और बाद में चुनाव जीतने के बाद मख्यमंत्री का पद संभाला. कहा जा रहा है कि बीजेपी प्रयोगधर्मी पार्टी मानी जाती है. इसलिए कब क्या निर्णय ले यह भविष्य के गर्त में ही छुपा हुआ है. बहरहाल यह तो तय है कि छत्तीसगढ़ बीजेपी के भीतर इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है.

Tags: Chhattisgarh bjp, Chhattisgarh news, Raman singh, छत्तीसगढ़


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