झाँसी के इस मंदिर गणेश में नरियल से होती शादी की मुराद पूरी पढे पूरी कहानी | – Bundelkhand News


रिपोर्ट-रोहित कुमार झाँसी


झाँसी नगर में स्थित श्री गणेश मंदिर एक सिद्ध देव स्थान होने के साथ-साथ अपना एक विशेष महत्व रखता है 

इस मंदिर के निर्माण का सही समय का कोई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है क्योकि सन 1858 की गदर के बाद झाँसी पर अंग्रेजो का वर्चस्व हो गया था।उसके बाद  अंग्रेज़ो ने झाँसी का इतिहास नष्ठ कर दिया था लेकिन इस मंदिर की सभ्यता को ध्यान में रखते हुए इसको छोड़ दिया था यह मंदिर भरतीय इतिहास की एक अतियंत महत्व रखने बाली घटना सन 1857 की क्रांति की दीपशिखा महारानी लक्ष्मी बाई व झाँसी नरेश गंगा धर राव  के विवाह का भी गवाह है।

इस मंदिर में महत्व है की जो भी भक्त गणेश मंदिर में आ कर सच्चे मन से एक नारियल और 100 ग्राम चावल लाल कपडा में लपेट कर मंदिर में गणेश भगवान की प्रतिमा के पास रख कर 21परिक्रमा गणेश मूर्ति की  लगता है उसकी जो भी मनोकामना होती है वह जरूर पूरी होती हैऔर जिन लड़के लड़कियों की शादी नहीं होती है या विवाह में कोई भी दिक्क्त आती है तो वो भी यहाँ आकर सच्चे मन से एक नारियल और 100 ग्राम चावल लाल कपडा में लपेट कर मंदिर में गणेश भगवान की प्रतिमा के पास रख कर  11 परिकर्मा लगाने पर पूरी होतीहैऔर उन लोगो के विवाह हो जाते है  इसलिए गणेश महोत्स्व के दिनो में यहाँ पर सेकड़ो की संख्या में बड़ी दूर -दूर से भक्त आते है और नारियल और 100 ग्राम चावल  लाल कपडा में लपेट कर मंदिर में गणेश भगवान की प्रतिमा के पास रख कर अपनी मनोकामना मांगते है !मंदिर के पुजारी के अनुसार विश्वरामचंद ताम्वे (मंदिर के पुजारी)  यहां पर मंदिर में महारनी लक्ष्मी बाई की शादी सम्पन हुई थी ऐसा है कि  एक नरियल रोली एक रूपये एक लाल कपड़े में बांधकर 21 परिक्रमा लगाने से भक्तो की मन्नत पूरी होती है अधिकतर वैवाहिक मनोकमनाएं अवश्य पूरी होती है और यहां पर दूर  से भक्त आते है इसलिए इन्हे वैवाहिक गणेश भी कहा जाता है  रोली झा (महिला श्रद्धालु ) के अनुसार  ये बहुत पुराना मंदिर है गणेश जी का  यहां पर जो भी मांगो वो पूरी होती है जैसे यहां पर एक नरियल और 11 परिक्रमा करने से सभी मोकमना पूरी होती है मेरी शादी भी इसी मंदिर से हुई थी दो साल पहले और इसी मंदिर से झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई की भी शादी हुई थी 

आशीष सोनी (श्रद्धालु) के अनुसार  ये मंदिर सदियों पुराना है यहां पर गंगाधर राव और रानी लक्ष्मी बाई की शादी हुई थी और सभी की मन्नत पूरी होती है विशेष मन्नत के लिए जो भी नरियल लेकर आता है तो उसकी मन्नत अवश्य पूर्ण होती है




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