- लॉकडाउन में बेसहारा लोगों की सुविधाओं का ख्याल रख रहा NGO
- निगम के स्कूलों को शेल्टर कैंप में बदला, दिखाई जा रही फिल्म
कोरोना वायरस को मात देने के लिए लॉकडाउन के दौरान लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे. ऐसे में उन्हें परिवार के साथ रहने के लिए काफी वक्त मिल रहा है. घर के सदस्य इनडोर गेम्स के जरिए भी खुद को व्यस्त रखे हुए हैं. लेकिन उन बेघर लोगों का क्या जो शेल्टर कैम्प्स में रह रहे हैं.
ऐसे लोगों की मदद के लिए ‘आर सोया’ नाम का एनजीओ सामने आया है. तमिलनाडु के तिरुनेलवेली शहर में ये एनजीओ न सिर्फ बेसहारा लोगों की बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रख रहा है, बल्कि उनके मनोरंजन का भी इंतजाम कर रहा है.
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तिरुनेलवेली निगम ने बेघर लोगों के लिए निगम के ही स्कूलों को शेल्टर कैंपस में बदल रखा है. ‘आर सोया’ एनजीओ इस काम में निगम की मदद कर रहा है.
एनजीओ ने शेल्टर होम में रह रहे 107 लोगों के लिए बुधवार रात को प्रोजेक्टर से तमिल फिल्म ‘अईराथिल ओरुवान’ की स्क्रीनिंग भी की. इस फिल्म में मुख्य भूमिका में जानेमाने अभिनेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन (MGR) थे. फिल्म में दिखाया गया कि कैसे एक डॉक्टर विद्रोहियों को राजा से लड़ने और उसके चंगुल से निकलने में मदद करता है.
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शेल्टर कैंप में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जा रहा है. फिल्म की स्क्रीनिंग के वक्त क्लासरूम से बेंच निकाल कर बाहर खुले में रखे गए. बेंच पर लोगों को दूर-दूर बिठाया गया.
शेल्टर कैंप के लोगों ने फिल्म दिखाए जाने को बहुत पसंद किया. एनजीओ का कहना है कि महामारी, लॉकडाउन की वजह से कैंप में रहने वाले लोगों के लिए हर हफ्ते एक बार फिल्म की स्क्रीनिंग की जाएगी.
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