बिहार: मजदूरों की वापसी पर बोली जेडीयू- हम मर्यादा में रहकर करेंगे काम – Lockdown coronavirus jdu spokesperson kc tyagi blasts yogi officials for mishandling migrant labourers issue

  • नीतीश के सुझाव पर गृह मंत्रालय ने किया अमल-त्यागी
  • ‘हम मर्यादा और सीमा में काम करने के हैं आदी’

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) महासचिव केसी त्यागी ने केंद्र सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें सभी राज्यों को अपने मजदूरों को वापस अपने राज्य भेजने की अनुमति दी गई है. जाहिर है पिछले कुछ समय से दिल्ली और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में फंसे प्रवासी मजदूरों को वापस राज्य भेजने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही थी.

ऐसे में नीतीश सरकार का बचाव करते हुए जेडीयू महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी की कई बैठक हुई है. उसमें उनका स्पष्ट निर्देश था कि सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें. साथ ही जो लोग जहां हैं वहीं ठहरें. लेकिन कुछ अतिउत्साही लोगों ने उसे तोड़ने का प्रयास किया. जिसके बाद ऐसी स्थिति बनी की राजनीतिक दल अपनी रोटियां सेकने में लग गए.

केसी त्यागी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक लगातार कहते रहे कि प्रधानमंत्री सभी राज्यों के लिए एक जैसा कानून बनाएं. ताकि जो लोग बाहर फंसे हैं उनको वापस लाया जा सके. मुझे प्रसन्नता है कि नीतीश कुमार के सुझाव पर गृह मंत्रालय ने अमल किया. मैं उनका धन्यवाद करना चाहता हूं. अब कुछ कठिनाइयों के साथ ही सही लेकिन बाहर फंसे मजदूरों और छात्रों को वापस बिहार लाने में आसानी होगी.’

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वहीं कोटा में बिहार के फंसे छात्रों को वापस लाने में देरी के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘निशाने पर तो योगी सरकार के अति उत्साही अधिकारी भी रहे. जब दिल्ली-यूपी सीमा के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर एक लाख आदमी इकट्ठे हो गए और यूपी के अधिकारियों ने उन्हें लेने के लिए बसें भेज दीं. जिसके बाद यहां अफरा-तफरी मच गई. कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं. और सोशल डिस्टेंसिंग को तार-तार कर दिया. हर किसी के काम करने के अपने-अपने तरीके होते हैं. हम मर्यादा और सीमा में काम करने के आदी हैं.’

केसी त्यागी से जब पूछा गया कि बिहार के फंसे लोगों को वापस लाने के क्या रोडमैप होंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्री ने इसके लिए भी गाइडलाइन तय किया है. कैसे लोगों के लिए बसों के इंतजाम होंगे, कैसे उन्हें सैनिटाइज किया जाएगा और कैसे उन्हें चेक किया जाएगा? कई राज्यों से उन्हें बस में बैठा कर बिहार लाया जाएगा. जहां पर उन्हें क्वारनटीन में रखा जाएगा. एक लंबी प्रक्रिया है. जिसे निभाने में बिहार सरकार के अधिकारियों को कोई दिक्कत नहीं आएगी.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हमने पहले भी 16 लाख से ज्यादा बिहारी श्रमिकों के अकाउंट्स में बगैर भेदभाव 1000 रुपये ट्रांसफर किए हैं. इसलिए आगे भी किसी को कोई दिक्कत नहीं आएगी.

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क्या है गृह मंत्रालय का फैसला?

दरअसल, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों की मांग के बाद गृह मंत्रालय ने अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और छात्रों की आवाजाही के लिए नई गाइडलाइन तैयार की है. नई गाइडलाइन के तहत फंसे हुए लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजा जा सकेगा.

केंद्र सरकार ने बुधवार को एक नई गाइडलाइन जारी की है. जिसके मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और छात्रों को अपने घर भेजने की तैयारी है. इसके लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करने और फंसे हुए व्यक्तियों को वापस भेजने और लेने के लिए एक एसओपी की तैनाती करनी होगी. नई गाइडलाइन के तहत एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के इच्छुक लोगों के लिए राज्यों को आपस में बात करनी होगी.

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एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजे जा रहे लोगों की जांच की जाएगी. जांच के बाद ही लोगों को आगे भेजा जाएगा. अपने गंतव्य पर पहुंचने पर ऐसे लोगों को स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के जरिए क्वारनटीन किया जाएगा. साथ ही इन सभी लोगों को आरोग्य सेतु ऐप के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

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