मजदूरों का हेल्थ चेकअप भी किया जा रहा है.
28 मार्च से समिति के सदस्यों ने मजदूरों की मदद करने के लिए खाना बनाना शुरू कर दिया. हर रोज सुबह और शाम करीब 400 पैकेट का वितरण किया गया.
जैसे ही देश में लॉकडाउन की घोषणा हुई उसके बाद मजदूरों ने घर जाने के लिए पलायन करना शुरू कर दिया. कोंटा इलाका जो की तीन राज्यों की सीमा से लगा हुआ है वहां तो हर रोज सैकड़ों की संख्या में मजदूर पहुंचने लगे. ऐसे में वहां इतने संख्या में पहुंच रहे मजदूरों की स्थिति ठीक नहीं थी. किसी के पास ना तो खाने के पैसे थे और अगर पैसे थे भी तो होटले बंद थी. ऐसे में मनिकेश्वर मंदिर का ट्रस्ट उन मजदूरों की मदद के लिए आगे आया.
ऐसे कर रहे मदद
28 मार्च से समिति के सदस्यों ने मजदूरों की मदद करने के लिए खाना बनाना शुरू कर दिया. हर रोज सुबह और शाम करीब 400 पैकेट का वितरण किया गया. लेकिन बाद में मजदूरों की संख्या में इजाफा होता देख 4 मई से बॉर्डर के पास में भंडारा का आयोजन शुरू कर दिया. यहां पर अब हर रोज सैकड़ों की संख्या में मजदूर खाना खा रहे हैं. वैसे कोंटा का धार्मिक इतिहास में काफी महत्व रहा है. शबरी नदी, कलेर नदी का संगम स्थल है और ये नदियां गोदावरी में मिलती है. इसके अलावा कोंटा के पास इंजराम है जहां भगवान राम ने सीता माता के साथ भगवान शिव की पूजा की थी. वहीं कोंटा में स्थित मनिकेश्वर मंदिर का इतिहास भी 400 साल पुराना है. कोंटा में हर विपदा के समय मंदिर का ट्रस्ट बढ़चढ़ कर भाग लेता है.4 क्वारंटाइन सेंटर में सैकड़ों मजदूर
कोंटा में प्रशासन ने 4 क्वारंटाइन सेंटर बनाया है जहां पिछले दो माह में हर रोज सैकड़ों मजदूर पहुंच रहे हैं. उन मजदूरों के रूकने और खाने की व्यवस्था प्रशासन कर रहा है. लेकिन इन क्वारंटाइन सेंटरों में जिले और प्रदेश के मजदूरों को रखा जा रहा है. क्वारंटाइन समय के बाद उन्हें घर भेजा जा रहा है. न्यूज 18 से चर्चा करते हुए समिति और ट्रस्ट के सदस्य पी विजय ने बताया कि मनिकेश्वर ट्रस्ट यहां सीमा पर प्रशासन की मदद से मजदूरों को खाना खिला रहा है. हमारा उद्देश्य प्रशासन और मजदूरों की मदद करना है. कोई भी मजदूर भूखा ना रहे इसको लेकर हमारा प्रयास जारी है. ट्रस्ट के सदस्य और कोंटा की जनता के सहयोग से हम लोग पिछले कई दिनों से मजदूरों की सेवा कर रहे हैं.
न्यूज 18 से चर्चा करते हुए कोंटा एसडीएम हिमांचल साहू ने बताया कि कोंटा सीमा पर हर रोज काफी संख्या में मजदूर पहुंच रहे हैं. उन मजदूरों का वहां पर स्वास्थ्य टीम जांच कर रही है. उसके बाद मजदूरों को क्वारंटाइन किया जा रहा है. लेकिन कुछ ऐसे मजदूर है जो दूसरे राज्यों के हैं उन्हें व्यवस्था अनुरूप घर भेजा जा रहा है. लेकिन इस बीच शासन के निर्देशानुसार जो भी समाजसेवी संस्था मदद करना चाह रही हैं तो उनसे मदद ली जा रही है. कोंटा में भी मनिकेश्वर समिति और भी समिति है जो मदद कर रही है. वहां पर प्रशासन के कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है. उन कर्मचारियों की मदद से ही व्यवस्था चल रही है.
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First published: May 14, 2020, 11:30 AM IST