महासमुंद में पुलिस द्वारा जब्त गुटखा.
लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के महासमुंद में राजस्व, पुलिस (Police) और नगर पालिका के संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई कर भारी मात्रा में गुटखा जब्त किया है.
महासमुंद कलेक्टर ने लॉकडाउन के दौरान जिले में किसी भी प्रकार के तम्बाखू उत्पाद, पान, बीड़ी सिगरेट या गुड़ाखु के बिक्री पर बैन लगाया है. इसके बाद भी शहर के कई दुकानों से गुटखा बिक्री की शिकायत मिल रही थी. बुधवार को महासमुंद से निकली हुई भारी मात्रा में गुटखा गरियाबंद जिले के राजिम में पकड़ा गया. जिसके बाद आज प्रशासन की टीम शहर में सक्रिय हो गई और गुटखा, पान मसाला बेचने वाले दुकानों पर दबिश दी गई.
इन वस्तुओं की जब्ती
इस दौरान गंज पारा स्थित संजय पांडे के दुकान मनभावन स्टोर और गोदाम से पान पराग 10 कार्टून, राजश्री 3 बोरी, बीड़ी पत्ती 15 किलोग्राम, सचिन गुटखा 10 बोरी, बीड़ी 43 पैकेट, चूना 5किलो, मिराज 1 पैकेट, बाबा बीड़ी पत्ती 22 पैकेट, रजनीगंधा 17 पैकेट, सिगरेट 1 पैकेट, पान बहार 65 पैकेट और मुसाफिर गुटखा 1 बोरी जैसे प्रतिबंधित गुटखा को जब्त किया गया है. मामले में एसडीएम सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि अवैध गुटखा रखने के संदर्भ में यह कार्रवाई की गई है. दुकान संचालक पर अपेडमिक एक्ट, खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 और आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की गई है. साथ ही सभी सामानों का बिल प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है.संदेह में विभागीय अधिकारियों के कार्यप्रणाली
महासमुंद जिले में लंबे समय से गुटखे का अवैध कारोबार चलने की शिकातय मिलती रही है. जिससे खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर एक सवालिया निशान खड़ा होता है. इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि लंबे समय से एक स्थान पर जमें विभागीय अधिकारियों की सह पर ही गुटखे का यह कारोबार जोरों पर है. क्योकि अमूमन देखा यह जाता है कि आज तक जितनी भी गुटखे की धर पकड़ की गई है वह या तो राजस्व विभाग या फिर पुलिस विभाग के अधिकारियों के द्वारा की गई है. इससे विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है.
इसलिए भी उठे सवाल
कोविड-19 को देखते हुए महासमुंद कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने जिले में किसी भी प्रकार के तंबाखू उत्पाद या फिर बिड़ी सिगरेट या गुड़ाखु की बिक्री पर बैन लगाया है. बताया जा रहा है कि इससे अवैध कारोबारी इसका दोगुना फायदा लेने में लगे है. जिसे देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को भी जांच के लिए निर्देशित किया गया है. इसी के मद्देनजर महासमुंद में बीते बुधवार को करीब 5 दुकानों में विभागीय अधिकारी ने निरीक्षण किया. जिसमें से कृष्णानी ब्रदर्स और मनभावन स्टोर भी शामिल है. जहां पर विभाग को कुछ नहीं मिला और वो खाली हाथ लौट गये. लेकिन हैरत कि बात यह है कि इन्हीं दुकानों में से एक कृष्णानी ब्रदर्स का लाखों का गुटखा कल ही राजिम में और आज मनभावन स्टोर से लाखों का गुटखा राजस्व विभाग ने जब्त किया है. इससे खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग संदेह के घेरे में है.
जिम्मेदार को जानकारी नहीं
महासमुंद में फल फूल रहे गुटखे के कारोबार को लेकर और अधिकारियों के सुस्त रवैय्ये को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक सत्यनाराण राठौर से जब चर्चा की गई तो उन्होने बताया कि मामले को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वो मामले को लेकर कुछ कह सकते हैं. वहीं अभिहित अधिकारी तृप्ति जैन का कहना है कि एसडीएम के नेतृत्व में यह कार्रवाई हुई है, जिसके नमूने लेकर जांच के लिए भेजा गया है, जांच में मानक या अमानक पाया जायेगा उस आधार पर कार्रवाई की जायेगी. पुलिस और राजस्व विभाग की कार्रवाई को लेकर अभिहित अधिकारी तृप्ति जैन का कहना है कि उनका अमला ज्यादा बड़ा होता है इसलिए वो ज्यादा कार्रवाई करते हैं.
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First published: May 1, 2020, 7:15 AM IST

