सरकार ने कोरोना मरीजों के लिए बैलेट पेपर से वोट डालने की दी अनुमति – Government allows postal ballot papers for covid positive patients to vote election commission

  • चुनाव आयोग के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
  • कोविड-19 पेशेंट पोस्टल बैलेट से डालेंगे वोट

कोरोना वायरस संकट से देश जूझ रहा है, ऐसे में आने वाले दिनों में राज्यों में चुनाव भी होने हैं. चुनाव आयोग ने कोविड-19 मरीजों के लिए वोटिंग प्रक्रिया में बदलाव किया है. अब कोविड मरीज और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग पोस्टल बैलेट पेपर के जरिए वोट डाल सकेंगे.

कोरोना महामारी को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें कोविड मरीज जो संस्थानिक या होम क्वारनटीन में रह रहे हैं या जिनकी उम्र 65 वर्ष से ज्यादा है, वे पोस्टल बैलेट पेपर के जरिए वोटिंग कर सकेंगे.

केंद्र सरकार के इस फैसले से वोटिंग सेंटरों पर भीड़ कम होगी और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो सकेगा. 65 से 80 आयुवर्ग के लोगों के लिए चुनाव आयोग ने प्रस्ताव दिया था, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया.

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चुनाव आयोग की सिफारिश पर, 22 अक्टूबर 2019 को, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और विकलांग व्यक्तियों के लिए पोस्टल बैलेट सुविधा को सक्षम करने वाला कानूनी संशोधन, उन्हें उनके घर पर वोटिंग का ऑप्शन देने के लिए लाया गया था.

इसी तर्ज पर आयोग ने अब कानून के दायरे को बढ़ाने के लिए कानून और न्याय मंत्रालय से सिफारिश की है कि 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी मतदाताओं के साथ-साथ सभी कोविड -19- संक्रमित मतदाताओं को पोस्टल बैलेट से वोट करने की सुविधा दी जाए. इससे पोलिंग स्टेशनों पर लगने वाली भीड़ कम होगी.

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अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग की सिफारिश पर सहमति बन गई है और इस संबंध में जरूरी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. सामान्य रोगों में इसकी अनुमति नही दी जा सकती है.

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