Last Updated:
Winter Health Tips: सीताफल स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर मौसमी फल है. इसकी तासीर ठंडी होती है और अधिक सेवन से कफ बढ़ सकता है. सीताफल कितनी मात्रा में खाना चाहिए? किन लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए? और ठंड के मौसम में इसे खाने का सही तरीका क्या है? डॉ. आस्था मिश्रा ने से जानिए…
Winter Health Tips: मौसम में बदलाव के साथ ही बाजार में मौसमी फलों की मांग बढ़ने लगी है. इन्हीं फलों में शामिल है सीताफल, जिसे लोग इसके मीठे स्वाद और पौष्टिक गुणों के कारण बड़े चाव से खाते हैं. सीताफल स्वादिष्ट होने के साथ ही शरीर को ऊर्जा और पोषण भी प्रदान करता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि सीताफल की तासीर ठंडी होती है और इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से सर्दी-जुकाम और कफ से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं? आयुर्वेद में सीताफल को मधुर रस युक्त, शीतवीर्य और बल प्रदान करने वाला फल बताया गया है.
सीताफल में विटामिन सी और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. हालांकि, जिन लोगों का पाचन कमजोर है या जिन्हें कफ की समस्या रहती है, उन्हें इसके सेवन में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. सीताफल कितनी मात्रा में खाना चाहिए? किन लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए? और ठंड के मौसम में इसे खाने का सही तरीका क्या है? इस बारे में बिलासपुर की शासकीय आयुर्वेद औषधालय की आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था मिश्रा ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है.
सीताफल स्वाद के साथ सेहत का खजाना
सीताफल एक मौसमी फल है, जिसे लोग इसके मीठे स्वाद के कारण पसंद करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार इसमें मधुर रस पाया जाता है और इसकी तासीर ठंडी होती है. यह पौष्टिक होने के साथ शरीर को बल प्रदान करने वाला फल माना जाता है. वहीं आधुनिक पोषण विज्ञान के अनुसार इसमें विटामिन सी और पोटैशियम भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.
वात और पित्त को करता शांत, पर कफ बढ़ा देगा!
डॉ. आस्था मिश्रा के अनुसार आयुर्वेद में सीताफल को वात और पित्त शामक माना गया है. यानी यह शरीर में वात और पित्त दोष को शांत करने में सहायक होता है. हालांकि, इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से कफ बढ़ सकता है. इसकी ठंडी तासीर के कारण सर्दी-जुकाम और कफ से जुड़ी परेशानियों की आशंका बढ़ सकती है. इसलिए मौसम और अपनी शारीरिक प्रकृति को ध्यान में रखकर ही इसका सेवन करना चाहिए.
कमजोर पाचन वाले लोग सीमित मात्रा में करें सेवन
सीताफल गुणों में गुरु यानी भारी होता है. इस वजह से इसे पचाने में शरीर को थोड़ा अधिक समय लग सकता है. जिन लोगों को मंदाग्नि यानी कमजोर पाचन की समस्या रहती है, उन्हें इसका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए. अधिक खाने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है. ऐसे लोगों को अपनी पाचन क्षमता के अनुसार ही इस फल को खाना चाहिए.
सर्दियों में सीताफल खाते समय बरतें सावधानी
सीताफल की तासीर ठंडी होने के कारण सर्दी में इसका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर है. खासकर उन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए, जिन्हें पहले से सर्दी-जुकाम या कफ की परेशानी रहती है. अधिक मात्रा में सेवन करने से ऐसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए स्वाद के चक्कर में जरूरत से ज्यादा सीताफल खाने से बचना चाहिए.
एक दिन में 50 से 100 ग्राम फल का गूदा पर्याप्त
डॉ. आस्था मिश्रा के अनुसार एक दिन में लगभग 50 से 100 ग्राम सीताफल का गूदा खाना पर्याप्त हो सकता है. इतनी मात्रा में इसका सेवन किया जा सकता है. हालांकि, हर व्यक्ति की पाचन क्षमता और शारीरिक प्रकृति अलग होती है. इसलिए अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए ही इसकी मात्रा तय करनी चाहिए.
About the Author
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Source link


