नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान आगामी 29 जुलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020) के क्रियान्वयन के छह वर्ष पूर्ण होने के मद्देनजर समग्र शिक्षा, PM SHRI, PM POSHAN और NIPUN सहित स्कूली शिक्षा से जुड़ी केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति पर व्यापक चर्चा की गई।सम्मेलन में राज्यों से प्राप्त सुझावों और आगामी कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श हुआ। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र और राज्यों की साझेदारी इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सबसे मजबूत आधार है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में स्कूली शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के करीब 30 करोड़ स्कूली बच्चों के लिए NEP 2020 के अनुरूप बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN), मातृभाषा में शिक्षा, कौशल विकास, खेल, नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विद्यालयों में सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।इसके साथ ही PM SHRI स्कूलों, PM POSHAN और अटल टिंकरिंग लैब्स के विस्तार तथा स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के मिलकर काम करने की बात कही गई।धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह सम्मेलन केवल योजनाओं की समीक्षा का मंच नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के लिए साझा संकल्प का महत्वपूर्ण माध्यम है। राज्यों के अनुभव और नवाचारों के आधार पर NEP 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को और गति दी जाएगी, ताकि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और भविष्य के लिए उपयोगी शिक्षा मिल सके।


