छतरपुर में मानवता और सूझबूझ की मिसाल सामने आई है। पन्ना जिले की रहने वाली गर्भवती रेखा अपने परिवार के साथ गांव लौट रही थीं। झांसी से बस बदलकर छतरपुर आ रही रेखा को अलीपुरा के पास अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। यात्रियों ने एंबुलेंस के लिए 108 पर कॉल किया, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची।स्थिति गंभीर होती देख बस चालक अशोक मिश्रा और कंडक्टर मनोज कुमार तिवारी ने यात्रियों को उतारे बिना बस को सीधे जिला अस्पताल की ओर मोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही बस में महिला का प्रसव हो गया, जबकि नवजात की हालत गंभीर बताई जा रही थी।
यात्रियों ने अस्पताल के प्रसूति वार्ड के स्टाफ को घटना की जानकारी दी। नर्स तत्काल बस तक पहुंचीं और महिला व नवजात की स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल प्रबंधन ने गेट खोलकर बस को परिसर के अंदर बुलाया, जिसके बाद महिला और नवजात को स्ट्रेचर की मदद से प्रसूति वार्ड पहुंचाया गया।नवजात को गंभीर हालत में एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है, जबकि महिला रेखा की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है। यात्रियों ने बताया कि रास्ते में कई बार 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन मदद नहीं मिलने पर बस चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया। वहीं अस्पताल के प्रसूति वार्ड के स्टाफ ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला और नवजात को उपचार उपलब्ध कराया।