शिवपुरी जिले के करैरा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा के दूसरे दिन रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर कथा में भीड़ कम होने को लेकर किए गए पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहले के राक्षस हवन में खलल डालने के लिए हड्डियां डालते थे, लेकिन आज के राक्षस बदल गए हैं। अब वे पोस्ट डालते हैं। उन्होंने कहा कि कथा में भीड़ नहीं, भक्त होने चाहिए और रामकथा सुनने स्वयं हनुमान जी आते हैं। कथा की शुरुआत आरती के साथ हुई। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देरी से पहुंचने का कारण बताते हुए कहा कि उन्हें सुबह एक आयोजन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाना पड़ा था। आज की कथा में अमेरिका से आए शिवयोगी इशांत शिवानंद महाराज भी शामिल हुए।भीड़ हो या न हो, हनुमान जी का क्रेज डाउन नहीं होगा -कथा के दौरान पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पहले दिन पंडाल खाली रहने को लेकर सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि अब जमाना बदल गया है। पहले के राक्षस हवन में हड्डियां डालकर विघ्न डालते थे, जबकि आज के राक्षस सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हैं।उन्होंने कहा कि रामकथा में भीड़ की संख्या से ज्यादा महत्व भक्तों का है। कथा सुनने के लिए स्वयं हनुमान जी आते हैं। दुनिया वाले चाहे कुछ भी कहते रहें, भीड़ हो या न हो, हनुमान जी का क्रेज कभी डाउन नहीं होगा।नेताओं पर भी किया कटाक्ष -पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राजनीति करने वाले नेताओं पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि नेता उनके पास आकर कहते हैं कि आपके अलावा हमारा कोई नहीं है। लेकिन ऐसे लोग उनके जैसे 20 गुरुओं के यहां जाकर भी यही बात कहते हैं। वे जहां भी जाते हैं, वहां यही कहते हैं।जैसा सिखाया जाता है, इंसान वैसा ही बनता है -कथा के दौरान उन्होंने संस्कारों और सीख के महत्व पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को जैसा सिखाया जाता है, वह वैसा ही बन जाता है। इसलिए जीवन में सही शिक्षा और संस्कार जरूरी हैं।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि केवल प्यास बुझाने के सिद्धांत जानने से प्यास नहीं बुझती, इसके लिए पानी पीना पड़ता है। इसी तरह जीवन को बेहतर बनाने के लिए कथा में बैठकर उसे सुनना और उसकी सीख को जीवन में उतारना जरूरी है।30 अक्टूबर तक चलेगी रामकथा -करैरा के बगीचा धाम स्थित श्रीराम राजा सरकार धाम में 24 से 30 अक्टूबर तक श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से निर्धारित है। 27 और 28 अक्टूबर को दिव्य दरबार लगाया जाएगा, जबकि 29 और 30 अक्टूबर को गुरु दीक्षा कार्यक्रम होगा। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की है।


