काबुल: फातिमा सुल्तानी (Fatima Sultani) अपने साथियों के साथ हिंदू कुश पहाड़ों में नौशख के शिखर पर चढ़ने में कामयाब रहीं. यह पहाड़ी अफगानिस्तान में 7,492 मीटर की सबसे ऊंची ऊंची पहाड़ी है. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल की सबसे ऊंची पहाड़ी पर चढ़ाई चढ़ने के बाद अठारह वर्षीय फातिमा सुल्तानी ने अगली चढ़ाई का ऐलान कर दिया है.
फातिमा सुल्तानी के अलावा उनकी टीम में नौ अफगान पर्वतारोहियों की टीम ने यह रिकॉर्ड बनाया है. इस टीम में तीन महिलाएं शामिल हैं. अब इस टीम ने अफगानिस्तान के मीर समीर पर्वत (Mir Samir Mountain) पर चढ़ने का लक्ष्य बनाया है. उसके बाद दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) को फतह करने का लक्ष्य बनाया है.
अफगानिस्तान की महिलाएं कम नहीं
अठारह वर्षीय फातिमा सुल्तानी ने कहा, ‘मेरा मुख्य उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना है कि अफगान महिलाएं कितनी मजबूत हैं और सबसे चुनौतीपूर्ण काम वह कर सकती हैं. जब मुझे पता चला कि अन्य देशों की महिलाएं यहां ऊंची चोटियों को फतह करने के लिए आती हैं तो मैंने सोचा हम अफगानी महिलाएं इन चोटियों को फतह क्यों नहीं कर सकतीं.’
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तालिबान का खौफ
दोहा में इस्लामवादी तालिबान (Islamist Taliban) की अफगान सरकार (Afghan government) के साथ शांति वार्ता से अफगानिस्तान में खास कर महिलाएं काफी चिंतित हैं. माना जा रहा है कि आतंकवादी समूह औपचारिक राजनीतिक माध्यमों से अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं. जब 1996 और 2001 के बीच तालिबान ने अफगानिस्तान पर शासन किया था तब उन्होंने महिलाओं के लिए शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया था और महिलाओं को एक पुरुष रिश्तेदार के बिना अकेले घर छोड़ने पर भी प्रतिबंध था.
तालिबान का सामना करने को भी तैयार
वहीं फातिमा का कहना है, ‘जब मैं खेल में उतरी तो मुझे पता था कि भविष्य में मुझे कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, मुझे ये भी पता था कि शायद तालिबान महिलाओं के लिए खेल में बाधा बनेगा लेकिन फिर भी मैं हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं.’
बता दें सुल्तानी ने कोरोनोवायरस महामारी के लागातार चढ़ाई जारी रखी. वह 7,492 मीटर (24,580 फीट) ऊंची इस चोटी के शिखर पर चढ़ने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला बन गई है.