भीषण गर्मी में चारों ओर हवन कुंड बनाकर युवा साधु ने की एक घंटे की अग्नि तपस्या, भक्तों के कल्याण की कामना

Oplus_131072

छतरपुर (मध्य प्रदेश)। छतरपुर जिले के अजय पार सरकार धाम में एक अनूठी धार्मिक साधना का आयोजन देखने को मिला, जहां दरबार लगाने वाले भगत जी ने भीषण गर्मी के बीच चारों ओर हवन कुंड बनाकर लगभग एक घंटे तक कठिन अग्नि तपस्या की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे तथा पूरे परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा।

बताया गया कि भगत जी ने तपते अंगारों और प्रज्वलित हवन कुंडों के बीच बैठकर यह विशेष साधना की। तपस्या के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। इस अनूठी साधना को देखने के लिए दूर-दूर से लोग धाम पहुंचे।

तपस्या पूर्ण होने के बाद मीडिया से बातचीत में भगत जी ने बताया कि यह अग्नि तपस्या उन्होंने अपने सिद्ध बब्बा और पर बब्बा के आदेश पर की है। उनका कहना था कि इस साधना का उद्देश्य दरबार की आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाना और यहां आने वाले श्रद्धालुओं के कष्टों को दूर करना है।

उन्होंने कहा, “बब्बा के आदेश से ही यह अग्नि तपस्या की गई है। शनिवार को दरबार में आने वाले भूत-प्रेत बाधा, मानसिक परेशानी और अन्य संकटों से पीड़ित लोगों को राहत मिले, इसी भावना के साथ यह साधना की गई है। बब्बा की कृपा से यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण हो और उसके जीवन के कष्ट दूर हों।

“भगत जी ने आगे बताया कि अग्नि तपस्या केवल व्यक्तिगत साधना नहीं बल्कि जनकल्याण और आध्यात्मिक ऊर्जा के जागरण का माध्यम है। उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में भी बब्बा के आदेशानुसार इसी प्रकार की विशेष तपस्याएं और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।

धार्मिक आयोजन के दौरान धाम परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। उपस्थित लोगों ने इसे आस्था, विश्वास और जनकल्याण की भावना से जुड़ा विशेष अनुष्ठान बताया। आयोजन के बाद श्रद्धालुओं ने बब्बा के जयकारे लगाए और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here