नई दिल्ली : भारत ने भूटान (Bhutan) के पांच कृषि उत्पादों (Agriculture products) को भारतीय बाजार में बेचने की इजाजत दे दी है. इस फैसले से दोनो देशों के बीच व्यापार को बढ़ाया जाएगा. हालिया फैसले से भूटान, के व्यापारियों को एक बड़े भारतीय बाजार तक पहुंच बनाने में आसानी होगी.
इन उत्पादों को इजाजत
भूटान के जिन उत्पादों को भारतीय बाजार का एक्सेस मिला है, उनमें सुपारी (Areca nut), संतरे (mandarin orange), सेब, आलू और अदरक शामिल है. इसी साल फरवरी 2020 में भारतीय व्यापार मंत्री पीयूष गोयल की भूटान यात्रा के दौरान इस पर चर्चा हुई थी जिसे अब तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया. भूटान में मौजूद भारतीय दूत रुचिरा कंबोज (Indian envoy Ruchira Kamboj) ने इसे विकास का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में लिया गया फैसला बताया है. उन्होंने कहा कि अब दोनों द्विपक्षीय व्यापार को रफ्तार मिलेगी.
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भारत के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने 14 अक्टूबर को इस बावत अधिसूचना जारी की थी, जो 16 अक्टूबर 2020 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुई थी. प्लांट क्वारंटाइन (भारत के लिए आयात का विनियमन) आदेश, 2003 के तहत इन पांच कृषि उत्पादों को अधिसूचित किया गया था.
भूटान ने बढ़ाया हाथ
इस बीच, भूटान के कृषि और वन मंत्रालय ने अपने प्लांट क्वारेंटाइन रूल्स एंड रेगुलेशंस (2018) के तहत भारत से टमाटर, प्याज और भिण्डी के आयात की अनुमति दी है. वर्तमान फैसला भारत के राष्ट्रीय पादप संरक्षण संगठन (National Plant Protection Organization) और भूटान के कृषि और खाद्य नियामक प्राधिकरण (Bhutan Agriculture and Food Regulatory) के बीच चर्चा के बाद हुआ. इससे पहले तक केवल दो भूटानी कृषि उत्पाद शतावरी और इलायची को ही प्लांट क्वारेंटाइन ऑर्डर ऑफ इंडिया के तहत सूचीबद्ध किया गया था, जिसके तहत भूटान औपचारिक रूप से केवल इन्ही दो वस्तुओं को भारत में निर्यात कर सकता था.
भारत, भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. 2018 में दोनों देशों के बीच कुल 9227.7 करोड़ रुपए का द्विपक्षीय हुआ था. भारत की ओर से भूटान निर्यात किए जाने वाले प्रमुख उत्पादों में खनिज, मशीनरी, यांत्रिक उपकरण, बिजली उपकरण और प्लास्टिक शामिल है. वहीं भूटान, भारत को बिजली, फेरो-सिलिकॉन, पोर्टलैंड सीमेंट और डोलोमाइट का निर्यात करता है.
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