June 30, 2020

India China Dispute France has Extended Support to India | [सीमा विवाद: भारत के समर्थन में खुलकर उतरा फ्रांस, जवानों की शहादत पर कही ये बात

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच फ्रांस ने भारत को अपना समर्थन दिया है. फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने गलवान वैली की हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों का शहादत पर दुख जाहिर किया है. फ्रांस की रक्षामंत्री ने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को सोमवार एक चिट्ठी लिखी थी.

खत में फ्रांस की रक्षा मंत्री ने लिखा- ‘भारतीय जवानों को खोना बेहद दुखद है, ना सिर्फ जवानों के परिवारों के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए. इन कठिन परिस्थितियों में मैं फ्रांसीसी सशस्त्र बलों के साथ अपने दृढ़ और मैत्रीपूर्ण समर्थन को जाहिर करती हूं. मैं भारतीय सशस्त्र बलों के साथ-साथ शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं.’ सूत्रों की मानें तो फ्रांस की रक्षा मंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ जल्द अगली बातचीत की भी इच्छा जाहिर की है.

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संयोग से भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी फ्रांसीसी समकक्ष से बातचीत की. जयशंकर ने एक ट्वीट में लिखा- ‘फ्रांस के विदेश मंत्री के साथ व्यापक चर्चा हुई. हमने समसामयिक और राजनीतिक महत्व के मुद्दों पर बात की. इसके अलावा कोविड-19 से संबंधित चुनौतियों का समाधान पर भी हमारी सहमति बनी. समर्थन के लिए धन्यवाद और हम साथ काम करने के लिए तत्पर हैं.’

इससे पहले सोमवार को, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और फ्रांसीसी विदेश सचिव फ्रांस्वा डेल्ट्रे के दोनों देशों के बीच सहयोग, वैश्विक मुद्दों पर विचारों के साथ कोरोना वायरस महामारी पर चर्चा की थी. इस दौरान फ्रांस ने 2021-22 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की भागीदारी का स्वागत किया था.

फ्रांस बीते कुछ वर्षों से भारत का हर सेक्टर में करीबी सहयोगी देश बना है. चाहे रक्षा का मामला हो या फिर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी की लिस्ट में डालने का प्रस्ताव. वहीं फ्रांस से राफेल्स की पहली खेप जुलाई अंत तक भारत आ जाएगी.

आपको बता दें कि पीएम मोदी आखिरी बार 2019 में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रोन के साथ निमंत्रण पर जी 7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस गए थे. फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने साल 2018 में भारत का दौरा किया था. इस दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में भारत-फ्रांस के संयुक्त सामरिक दृष्टिकोण पर बयान जारी किया गया था.




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