kamjor immunity ke lakshan: कमजोर इम्‍यूनिटी वाले लोगों में दिखते हैं ये लक्षण – weak immune system in hindi

कुछ लोगों की इम्‍यूनिटी कमजोर तो कुछ लोगों की मजबूत होती है। इम्‍यून सिस्‍टम के कमजोर होने पर शरीर में संक्रमण और इम्‍यूनोडेफिशिएंसी विकारों का खतरा बढ़ जाता है।

Edited By Parul Rohatagi | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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अधिकतर समय शरीर को बीमारियों और संक्रमण से इम्‍यून सिस्‍टम बचाता है। हालांकि, कुछ लोगाें का इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर होने की वजह से उन्‍हें बार-बार संक्रमण होने का खतरा रहता है। स्‍वस्‍थ रहने और बीमारियों से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा तंत्र यानी इम्‍यून सिस्‍टम का मजबूत होना बहुत जरूरी होता है।

सफेद रक्‍त कोशिकाओं, एंटीबॉडीज और अन्‍य तत्‍वों जैसे कि अंगों और लिम्‍फ नोड्स से इम्‍यून सिस्‍टम बनता है। कई विकार प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर कर देते हैं। ये इम्‍यूनोडेफिशिएंसी विकार हल्‍के से गंभीर हो सकते हैं और व्‍यक्‍ति जन्‍म से ही या पर्यावरणीय कारकों की वजह से भी इम्‍यूनोडेफिशिएंसी विकारों से ग्रस्‍त हो सकता है।

इनमें एचआईवी, कुछ प्रकार के कैंसर, कुपोषण, वायरल हेपेटाइटिस और कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट शामिल हैं। कभी-कभी इम्‍यूनोडेफिशिएंसी विकार इतने हल्‍के होते हैं कि व्‍यक्‍ति को कई सालों तक इसका पता नहीं चल पाता है। कुछ मामलों में ये विकार इतना गंभीर रूप ले लेते हैं कि व्यक्ति को बार-बार संक्रमण होता रहता है।इस स्थिति में आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आपका इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर है या नहीं ताकि आप समय रहते इसका इलाज कर इसे गंभीर रूप लेने से बच सकें।

​पालक

  • ​पालक

    पालक हरी पत्तेदार सब्जियों में से एक है जिसे आप स्मूदी के रूप में ड्रिंक के रूप में या फिर जूस के रूप में भी पी सकते हैं। इसमें भी विटामिन-सी की मात्रा पाई जाती है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए कार्य करती है। इसलिए आप भी इसका सेवन नियमित रूप से कर सकते हैं।

  • ​लहसुन

    पुरुषों के लिए लहसुन जितना फायदेमंद होता है, उतना ही इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी इसका सेवन किया जाता है। यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसके लिए आप सुबह रोज दो कच्चे लहसुन का भी सेवन कर सकते हैं जो आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार साबित होगा।

  • ​विटामिन-डी

    विटामिन डी आपको रोज सुबह सूर्योदय के बाद थोड़ी देर तक सूर्य से निकलने वाली किरणों के जरिए प्राप्त होती है। सूर्य को ही विटामिन डी का सबसे प्रबल स्रोत माना जाता है। उसके नाम आपको कुछ अन्य खाद्य पदार्थों में भी इसकी मात्रा मिलती है लेकिन सूर्य की रोशनी के मुकाबले या इतनी प्रभावी नहीं मानी जाती। इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए विटामिन डी का अवशोषण भी शरीर को बहुत जरूरी है इसलिए रोज सुबह सूर्योदय के समय कम से कम 7 से 8 मिनट तक धूप में खड़े होकर विटामिन डी प्राप्त करें।

  • ​प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का करें सेवन

    प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी माना जाता है और इतना नहीं प्रोटीन बॉडीबिल्डिंग में भी काफी मददगार साबित होती है। इसके लिए आप अंडे और सेल्फिश का प्रयोग कर सकते हैं जो सक्रिय रूप से आपकी मदद करेगा।

  • ​रेड मीट

    अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो आपके लिए रेड मीट सबसे बढ़िया विकल्प साबित होगा जो आपके इम्यून सिस्टम को बड़ी तेजी से पोस्ट करेगा। दरअसल रेड मीट में जिंक की मात्रा पाई जाती है और जिंक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए कार्य करता है।

  • ​विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों का करें सेवन

    रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी विटामिन की श्रेणी में विटामिन सी रखा गया है जिसे आप अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं। यह आपको कीवी और नींबू जैसे फलों के माध्यम से बड़ी आसानी से मिल सकता है, जिससे आपकी इम्यूनिटी सक्रिय रूप से मजबूत होगी।

  • दही का करें सेवन

    दही एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो हम रोज सुबह नाश्ते के रूप में भी खा सकते हैं या हमारे पेट को ठंडा रखने के साथ-साथ हमें कई प्रकार की बीमारियों से भी बचाता है। इतना ही नहीं, पेट में अच्छे बैक्टीरिया बनाकर भी यह हमारे इम्यून सिस्टम को कमज़ोर होने से बचाए रखने का काम करता है। इसलिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए आप भी नियमित रूप से दही का सेवन कर सकते हैं।

इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर होने के लक्षण

प्रतिरक्षा तंत्र के कमजोर होने का प्रमुख लक्षण बार-बार संक्रमण होना ही है। इन्‍हें बाकी लोगों की तुलना में ज्‍यादा जल्‍दी इंफेक्‍शन होता रहता है और ये बीमारियां ज्‍यादा गंभीर और इलाज के लिए मुश्किल हो सकती हैं।

मजबूत इम्‍यूनिटी वाले लोगों की तुलना में इन्‍हें संक्रमण से लड़ने में भी दिक्‍कत होती है। कमजोर इम्‍यूनिटी वाले लोगों में निमोनिया, मेनिनजाइटिस, ब्रोंकाइटिस और त्‍वचा संक्रमण का खतरा अक्‍सर बना रहता है। ये संक्रमण व्‍यक्‍ति को बार-बार परेशान करते हैं।

वहीं कमजोर इम्‍यूनिटी के अन्‍य लक्षणों में ऑटोइम्‍यून डिस्‍ऑर्डर, आंतरिक अंगों में सूजन, खून से संबंधित विकारों या असामान्‍यताओं जैसे कि एनीमिया, पाचन से जुड़ी परेशानियां जैसे कि भूख कम लगना, दस्‍त या पेट में ऐंठन, बच्‍चों और नवजात शिशु के विकास में देरी होना शामिल हैं।

​ब्रह्मांड की सबसे अचूक औषधि

  • ​ब्रह्मांड की सबसे अचूक औषधि

    अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम, खांसी रहती है या जल्‍दी बुखार पकड़ लेता है तो आपकी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। इम्यूनिटी पॉवर को बढ़ाने के लिए पूरे ब्रह्मांड में गिलोय से अचूक औषधि और कोई नहीं है। गिलोय का रस पीने से कई बीमारियों से सुरक्षा मिलती है।यह भी पढें: इम्यूनिटी बढ़ाता है ऊंटनी का दूध

  • ​इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए उपाय गुडूची

    गिलोय को गुडुची और अमृता नाम से भी जाना जाता है। इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट्स प्रचुरता में होते हैं जो कि फ्री-रेडिकल्‍स से लड़ने में मदद करते हैं और कोशिकाओं को स्‍वस्‍थ एवं बीमारियों से दूर रखते हैं। इस समय कोरोना वायरस से बचने के लिए इम्यूनिटी पॉवर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है और गिलोय इसका सबसे आसान एवं असरकारी तरीका है।

  • ​बुखार का देसी इलाज गिलोय

    बार-बार बुखार की समस्‍या से गिलोय छुटकारा दिला सकता है। इसमें बुखार-रोधी गुण होते हैं और इसीलिए डेंगू, मलेरिया और स्‍वाइन फ्लू जैसी जानलेवा बीमारियों के लक्षणों को कम करने के लिए गिलोय का इस्‍तेमाल किया जाता है।

  • ​कब्ज का रामबाण इलाज है गिलोय

    पाचन में सुधार लाने में भी गिलोय बहुत लाभकारी होता है। कब्‍ज से राहत पाने के लिए भी गिलोय का सेवन किया जा सकता है। अगर आपको कब्‍ज की समस्‍या रहती है तो आप गिलोस के रस का सेवन कर सकते हैं।यह भी पढें: बिपाशा बसु इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए पीती हैं ये ड्रिंक

  • ​डायबिटीज का घरेलू उपचार है गुडूची

    इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ गिलोय डायबिटीज का भी इलाज करती है। गिलोय हाइपोग्‍लाइसेमिक यौगिक के रूप में कार्य करती है और टाइप 2 डायबिटीज के इलाज में मददगार है। गिलोय का जूस ब्‍लड शुगर के उच्‍च स्‍तर को कम करने में मदद करता है।यह भी पढ़ें: जान लेंगे गिलोय का यह फायदा तो हर रोज पीने लगेंगे

  • ​तनाव को दूर करने का उपाय है गिलोय

    गिलोय में मानसिक तनाव और एंग्‍जायटी को भी कम करने की शक्‍ति होती है। ये शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को बाहर निकालती है और याद्दाश्‍त बढ़ाती है।

  • ​गठिया का अचूक इलाज है गिलोय

    गिलोय में सूजन-रोधी और गठिया-रोधी गुण भी होते हैं जो कि आर्थराइटिस और इसके अनेक लक्षणों के इलाज में मदद करते हैं। गठिया के मरीजों को गिलोय के रस का सेवन करना बहुत फायदेमंद रहता है।

  • ​अस्थमा की आयुर्वेदिक दवा है गिलोय

    अस्‍थमा के कारण सीने में जकड़न, सांस लेने में दिक्‍कत, खांसी और घरघराहट आदि होती है। इस वजह से अस्‍थमा के मरीज की स्थिति और बिगड़ जाती है। गिलोय की जड़ चबाने या इसका जूस पीने से अस्‍थमा के मरीजों की सेहत में सुधार आता है।

  • ​आंखों की रोशनी बढ़ाने की दवा है गिलोय

    गिलोय के सेवन से आंखों की रोशनी बढ़ती है और एजिंग के निशान भी दूर होते हैं। ये लिवर से जुड़ी बीमारियों और मूत्र मार्ग में संक्रमण से भी लड़ने में मददगार है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि गिलोय ह्रदय से जुड़ी स्थितियों और इंफर्टिलिटी के इलाज में उपयोगी है।यह भी पढें: घर पर रह कर ऐसे बढ़ाएं अपनी इम्‍युनिटी

  • घर पर कैसे बनाएं गिलोस का रस

    लगभग एक फीट लंबी गिलोय की शाखा लें और उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। अब इसे छील लें और इसकी ऊपरी परत उतार दें। अब डेढ़ से दो इंच के चार गिलोय के टुकड़ें लें और उसे मिक्‍सर में एक गिलास पानी के साथ पीस लें। जो रस निकला है उसे छानकर पी लें। दिन में दो बार दो गिलास गिलोय का जूस पी सकते हैं।

कैसे होता है इलाज

प्रत्‍येक इम्‍यूनोडेफिशिएंसी विकार का इलाज हर व्‍यक्‍ति की स्थिति पर निर्भर करता है। जैसे कि एडृस कई विभिन्न संक्रमण पैदा करता है। डॉक्‍टर हर इंफेक्‍शन के लिए दवाई देते हैं।

इम्‍यूनोडेफिशिएंसी विकारों के इलाज में आमतौर पर एंटीबायोटिक और इम्‍यूनोग्‍लोबुलिन थेरेपी शामिल हैं। अन्‍य एंटीवायरल दवाओं में एमैंटाडिन और एसिक्‍लोविर आदि दवाएं शामिल हैं।

यदि बोन मैरो पर्याप्‍त लिम्‍फोसाइट्स का उत्‍पादन नहीं कर पा रहा है तो डॉक्‍टर बोन मैरो ट्रांस्‍प्‍लांट कर सकते हैं।

क्‍या करें

जिन लोगों की इम्‍यूनिटी कमजोर होती है उन्‍हें स्‍वस्‍थ रहने और संक्रमण से बचने के लिए यहां बताई गई बातों पर ध्‍यान देना चाहिए :

  • साफ-सफाई का ध्‍यान रखें।
  • तनाव से दूर रहें।
  • बीमार लोगों से पर्याप्‍त दूरी बनाकर रखें।
  • पर्याप्‍त नींद लें।
  • संतुलित आहर खाएं।
  • नियमित व्‍यायाम करें।

हम सभी जानते हैं कि इम्‍यून सिस्‍टम का मजबूत होना कितना जरूरी और आज के कोराना से संक्रमण वातावरण में तो ये और भी ज्‍यादा जरूरी हो जाता है। अगर आपको अपने अंदर कमजोर इम्‍यूनिटी के लक्षण दिख रहे हैं तो इसका इलाज जरूर करवाएं ताकि आप स्‍वस्‍थ जीवन जी सकें। इस बात का खास ख्‍याल रखें कि स्‍वस्‍थ रह कर ही आप जीवन के अन्‍य सुखों को भोग सकते हैं।

Web Title weak immune system in hindi(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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