मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ रिश्तों को शर्मसार किया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि आज के दौर में भी अंधविश्वास का फायदा उठाकर कैसे मासूमों को हवस का शिकार बनाया जा रहा है। पन्ना के सिविल लाइन चौकी क्षेत्र में एक कलयुगी जेठ ने ‘अघोरी’ का ऐसा खौफ पैदा किया कि एक हंसता-खेलता परिवार तबाह होने की कगार पर पहुंच गया।
दरअसल, आरोपी पेशे से मिस्त्री है और झाड़-फूंक का ढोंग करता था। उसने अपने ही सगे मजदूर भाई और बहू को जाल में फंसाने के लिए कहा कि ‘तुम्हें अघोरी लगा है।’ अघोरी के डर से सहमे दंपत्ति ने जब उपाय पूछा, तो तांत्रिक जेठ ने अंडा, शराब और गांजे जैसी तंत्र-मंत्र की सामग्री मंगवाई।
सोमवार, 18 मई की रात आरोपी भाई के घर पहुंचा। उसने भाई को कमरे से बाहर भेजकर बहू को अकेले में झाड़-फूंक के बहाने बुलाया। वहां उसने महिला को कोई नशीला पदार्थ सुंघाकर बेसुध कर दिया और उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी ‘अब अघोरी पीछा छोड़ देगा’ कहकर फरार हो गया। होश में आने पर पीड़िता ने पति को आपबीती सुनाई।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।और आरोपी की तलाश जारी है। यह घटना समाज के मुंह पर तमाचा है कि कैसे ढोंगी बाबा और गुनिया तंत्र-मंत्र के नाम पर जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं।
Chhattisgarh Board Paper Leak Case: छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड का हिंदी पेपर लीक मामले में व्हाट्सएप के जरिए हस्तलिखित पेपर बेचने का खुलासा जांच में हुआ है. पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने छात्र से ₹3000 ऑनलाइन लिए थे. पुलिस अब मुख्य स्रोत की तलाश कर रही है.
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Raipur News: छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा के दौरान हिंदी का प्रश्नपत्र लीक हुआ था. अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में पता चला कि हिंदी का हस्तलिखित (handwritten) प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया था. इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.
₹3000 में हुआ था सौदा पुलिस जांच में आरोपी वेणु कुमार जंघेल की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. वेणु ने एक छात्र को प्रश्नपत्र भेजने के बदले 3000 रुपये की मांग की थी. छात्र ने यह राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की थी. पुलिस ने जब बैंक खातों की जांच की, तो इस लेनदेन की पुष्टि हो गई है. डिजिटल सबूतों ने आरोपियों की मुश्किल बढ़ा दी है.
पीटीआई की भूमिका इस पूरे कांड का मुख्य सूत्रधार जवाहर लाल कुर्रे बताया जा रहा है. जवाहर लाल कुर्रे बोरतरा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में पीटीआई के पद पर पदस्थ है. जांच के अनुसार, जवाहर लाल कुर्रे ने ही यह प्रश्नपत्र वेणु जंघेल और विकास सेन को उपलब्ध कराया था. एक सरकारी शिक्षक की इस मामले में संलिप्तता ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जांच का दायरा बढ़ा पुलिस अब इस महत्वपूर्ण बिंदु पर जांच कर रही है कि आखिर प्रश्नपत्र जवाहर कुर्रे तक कैसे पहुंचा? क्या इसमें बोर्ड ऑफिस या किसी परीक्षा केंद्र के अन्य कर्मचारी शामिल हैं? पुलिस प्रश्नपत्र के लीक होने के मुख्य स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
अब तक की गिरफ्तारियां पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों में वेणु कुमार जंघेल, जवाहर लाल कुर्रे (पीटीआई), विकास सेन शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं. उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
पन्ना जिले का मड़ला थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। रीवा निवासी व्यापारी मोहनलाल सोनी ने पुलिसकर्मियों पर एनडीपीएस मामले में फंसाने की धमकी देकर 95 हजार रुपए वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की शिकायत के बाद एसपी निवेदिता नायडू ने जांच कर थाना प्रभारी, एक एएसआई और एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है। इस घटना से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पन्ना जिले के मड़ला थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रीवा के तिरहती निवासी व्यापारी मोहनलाल सोनी ने शिकायत दर्ज कराई कि 14 मई को खजुराहो जाते समय पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी की जांच के दौरान गांजा होने का दावा किया और एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि इसी दबाव में उनसे दो बार में फोन-पे के जरिए 95 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए गए।
शिकायत मिलने के बाद एसपी निवेदिता नायडू ने जांच कर कार्रवाई की और थाना प्रभारी रचना पटेल, एएसआई रज्जाक खान तथा आरक्षक रामशरण को निलंबित कर दिया। बता दी कि कुछ दिन पूर्व भी एक रिटायर्ड डीएसपी से बदतमीजी का मामला सामने आया था जहां वाहन चेकिंग के दौरान रिटायर्ड डीएसपी और मंडला थाना प्रभारी सहित पुलिस कर्मियों का उनसे हाई वोल्टेज विवाद भी हुआ था।
पवई-इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला पुलिस थाने के सामने सड़क पर अचेत अवस्था में लेटी दिखाई दे रही है। वीडियो में एक व्यक्ति महिला के चेहरे पर पानी डालता नजर आता है, जिसके बाद महिला उठकर झल्लाने लगती है और रोने लगती है। इसी दौरान वीडियो में एक व्यक्ति उसे सड़क किनारे होने के लिए कहता सुनाई देता है, लेकिन महिला सड़क पर ही अपने कपड़े उतारने लगती है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। मामले को लेकर पवई थाना प्रभारी सुशील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला का नाम हेमा राजक है, जो पवई के वार्ड क्रमांक 14 की निवासी है तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ है।
थाना प्रभारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो लगभग एक वर्ष पुराना है। उन्होंने बताया कि 23 फरवरी को सूचना मिलने पर महिला हेमा राजक को बीएमओ पवई की मदद से जिला अस्पताल पन्ना भेजा गया था। वहां उपचार के बाद महिला को लगभग एक सप्ताह तक वन स्टॉप सेंटर पन्ना में रखा गया। इसके बाद उसे पन्ना स्थित दयोहृदय आश्रम भेज दिया गया, जहां वर्तमान में उसकी देखरेख की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पुराने वीडियो को भ्रामक तरीके से वायरल न करें और किसी भी संवेदनशील मामले में अफवाह फैलाने से बचें।
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली नई सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रशासन में पारदर्शिता और ईमानदारी लाने के उद्देश्य से भ्रष्टाचार-रोधी विभाग को और मजबूत किया है।
नई नीति के तहत अगर किसी भी सरकारी विभाग में किसी व्यक्ति से रिश्वत मांगी जाती है, चाहे रकम 1000 रुपये ही क्यों न हो, तो वह व्यक्ति सबूतों के साथ शिकायत दर्ज करा सकता है। सरकार ने घोषणा की है कि रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के खिलाफ ठोस सबूत देने वाले शिकायतकर्ता को 1 लाख रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य भ्रष्टाचार पर सख्ती से रोक लगाना और आम लोगों को बिना डर शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
हरियाणा के झज्जर जिले के कबलाना गांव में एक घर से दो दर्जन से ज्यादा सांप निकलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद पूरा परिवार दहशत में आ गया और रातभर जागकर समय बिताने को मजबूर हुआ।
जानकारी के मुताबिक गांव निवासी भूप सिंह के घर में देर रात सबसे पहले रसोई और बाथरूम के पास छोटे-छोटे सांप दिखाई दिए। इसके बाद लगातार एक के बाद एक सांप निकलते रहे। बताया जा रहा है कि सभी सांप करीब एक फुट लंबे थे। सांपों की संख्या बढ़ने पर घर में अफरा-तफरी मच गई।
परिवार के लोगों ने कुछ सांपों को मार दिया, जबकि कई सांप पाइपलाइन और नालियों के रास्ते वापस निकल गए। घरवालों का आरोप है कि सड़क किनारे गुजर रही पानी सप्लाई की पाइप लाइन और गंदे नालों के जरिए सांप घर के अंदर पहुंचे। रसोई के वॉशबेसिन और बाथरूम से जुड़े पाइपों में भी सांप दिखाई दिए।
इसी दौरान घर के अलग-अलग हिस्सों से 3 बिच्छू और 5 कानखजूरे भी निकले, जिससे परिवार की दहशत और बढ़ गई। घटना के बाद गांव में भी भय का माहौल बना हुआ है।
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में तीन तलाक का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एसएएफ के बर्खास्त सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है आरोपी पर आरोप है कि उसने पत्नी के साथ मामूली विवाद होने पर उसे तीन बार तलाक बोलकर घर से अलग कर दिया।
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बंदरखा निवासी तहरून निशा (46) का निकाह करीब 3 से 4 वर्ष पहले फतेह मोहम्मद खान पुत्र यार मोहम्मद खान (72) के साथ हुआ था। दोनों साथ रह रहे थे, लेकिन पिछले कुछ समय से उनके बीच घरेलू विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
बताया गया कि करीब एक माह पहले दोनों के बीच मामूली बात को लेकर बहस हो गई थी।इसी दौरान आरोपी ने पत्नी को तीन बार तलाक बोल दिया और उससे संबंध समाप्त करने की बात कहते हुए अलग कर दिया। महिला ने इस घटना को लेकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई पीड़िता तहरून निशा ने 18 अप्रैल को ताला थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के उसे तीन तलाक देकर छोड़ दिया है शिकायत मिलने के बाद थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ की और प्राथमिक साक्ष्य जुटाए।मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।
यह कानून वर्ष 2019 में केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया था, जिसके तहत एक साथ तीन तलाक बोलना गैरकानूनी और दंडनीय अपराध माना गया है मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी।पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में किया पेश लगातार तलाश के बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी फतेह मोहम्मद खान को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है पुलिस के मुताबिक आरोपी फतेह मोहम्मद खान विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) में सिपाही के पद पर पदस्थ रह चुका है। हालांकि खराब आचरण और अनुशासनहीनता के चलते उसे विभाग से बर्खास्त कर दिया गया था।
उज्जैन। विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर के पास स्थित करीब 45 हजार वर्गफीट की बेशकीमती जमीन को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज शासकीय भूमि को सोची-समझी साजिश के तहत निजी खातों में ट्रांसफर किया गया और फिर उसे कौड़ियों के दाम में बेच दिया गया। इस प्राइम लोकेशन पर अब एक आलीशान फाइव स्टार होटल बनाने की तैयारी चल रही है। मामला सामने आते ही कांग्रेस पार्षद ने इसकी लिखित शिकायत मुख्य सचिव, लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू (EOW) से की है, वहीं हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है।
रजिस्ट्री में बीजेपी विधायक और दिग्गजों के नाम
विवादों में घिरी यह जमीन बीती 2 मार्च 2026 को ‘यूटोपिया बोटल एंड रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी ने 3.82 करोड़ रुपए में खरीदी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कंपनी के डायरेक्टर्स और पार्टनर्स में आलोट से भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय और इकबाल सिंह गांधी जैसे रसूखदार नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
सरकारी रिकॉर्ड से गायब की गई जमीन
दस्तावेजों के अनुसार, खसरा नंबर 3664/1 और 3666/1 वर्ष 1950 और 1967-68 के सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में साफ तौर पर शासकीय भूमि दर्ज थे। आरोप है कि बाद में अधिकारियों से सांठगांठ कर इसे निजी भूमि में बदल दिया गया। वर्तमान में इस जमीन के एक बड़े हिस्से का उपयोग महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की गाड़ियों को पार्क करने के लिए किया जा रहा है।
कमर्शियल लैंड को कृषि बताकर करोड़ों की टैक्स चोरी
शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि जिस जमीन पर पहले से मैरिज गार्डन और अन्य पक्के निर्माण मौजूद थे, उन्हें दस्तावेजों में छिपाकर सिर्फ टिन शेड दर्शाया गया। इतना ही नहीं, व्यवसायिक उपयोग की इस जमीन को कृषि भूमि बताकर रजिस्ट्री कराई गई। कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक यहां की कीमत 75,400 रुपए प्रति वर्गमीटर है, लेकिन इसे महज 22,500 रुपए प्रति वर्गमीटर दिखाकर रजिस्ट्री पास करा ली गई।
दस्तावेजी गणित के हिसाब से इस 4180 वर्गमीटर जमीन की वास्तविक बाजार कीमत करीब 31.51 करोड़ रुपए बैठती है। इस लिहाज से सरकार को 2.99 करोड़ रुपए का स्टांप शुल्क और 94.55 लाख रुपए की पंजीयन फीस मिलनी चाहिए थी। लेकिन कम कीमत आंककर सरकार को सिर्फ 40.36 लाख रुपए स्टांप ड्यूटी और 12.90 लाख रुपए रजिस्ट्रेशन फीस दी गई, जिससे सीधे तौर पर करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है।
विधायक ने कहा – आरोप झूठे
भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। उनका दावा है कि रजिस्ट्री पूरी तरह से वैध दस्तावेजों के आधार पर हुई है और नियमों के तहत ही पूरा टैक्स चुकाया गया है। बहरहाल, लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में शिकायत के बाद अब इस मामले में उच्च स्तरीय प्रशासनिक और पुलिस जांच तय मानी जा रही है।
दतिया: कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद दतिया में उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसी के साथ भाजपा और कांग्रेस दोनों चुनावी मोड में नजर आने लगी हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने के दावों को लेकर अब दोनों दलों के बीच खुली तकरार शुरू हो गई है।
भाजपा ने पिछले एक सप्ताह में दो बार दावा किया कि कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। भाजपा के इन दावों के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक दांगी और वरिष्ठ नेता अवधेश नायक ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपना राजनीतिक प्रभाव दिखाने के लिए फर्जी फोटो और वीडियो जारी कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिन लोगों को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया जा रहा है, उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।वहीं दतिया विधानसभा से कांग्रेस के संभावित दावेदार और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह ने कहा कि फिलहाल उपचुनाव की स्पष्ट स्थिति नहीं है, लेकिन कांग्रेस किसी भी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
दूसरी ओर भाजपा जिलाध्यक्ष रघुबीर कुशवाहा ने कांग्रेस के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले कई लोग कांग्रेस में जिम्मेदार पदों पर रह चुके हैं और पार्टी के दावे पूरी तरह सही हैं।हालांकि दतिया में उपचुनाव होगा या नहीं, यह अभी साफ नहीं है, लेकिन कार्यकर्ताओं के दल बदल के दावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान लगातार तेज होता नजर आ रहा है।
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