लगातार दस्त लगने के साथ मल में खून आने को पेचिश कहा जाता है। जानिए पेचिश के लक्षण, कारण और घरेलू नुस्खों के बारे में।
Edited By Parul Rohatagi | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

पेचिश आंतों का संक्रमण है वजह से गंभीर दस्त और मल में खून आने की समस्या हो जाती है। कुछ मामलों में मल में म्यूकस भी आ सकता है। आमतौर पर पेचिश 3 से 7 दिनों तक रहता है। इसके अन्य लक्षणों में पेट में ऐंठन या दर्द, मतली, उल्टी, 100.4 डिग्री फारेनहाइट या इससे ज्यादा बुखार, डिहाइड्रेशन जिसका इलाज न करने पर जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।
पेचिश के कारण
यदि आप दूषित भोजन करते हैं या भोजन के परजीवी या बैक्टीरिया से के संपर्क में हाथों के आने पर उन्हीं गंदे हाथों से खाना खाने पर पेचिश हो सकता है। दूषित पानी में स्विमिंग करने से भी पेचिश हो सकता है।
संक्रमित व्यक्ति से बाकी लोगों को भी पेचिश हो सकता है। आपको बता दें कि पेचिश के इलाज में घरेलू उपाय बहुत प्रभावशाली होते हैं।
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संतरे का रस
संतरे के रस में फ्लेवेनोएड्स होते हैं जो कि एंटी-इंफ्लामेट्री गुण रखते हैं। ये आंतों की परत को आराम देते हैं और शरीर को हाइड्रेट रखते हैं। पेचिश के इलाज के लिए दिन में 3 से 4 गिलास संतरे का जूस पिएं।
छाछ
छाछ में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पेट में गुड और बैड बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखते हैं। छाछ से संक्रमण ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाता है। दिनभर में 3 से 4 गिलास छाछ पीने से पेचिश से आराम मिल सकता है।
पपीता
पपीते में ऐसे गुण होते हैं जो मल त्याग की क्रिया को नियमित करते हैं और पेट में ऐंठन को कम कर सकते हैं। ये पेचिश के लक्षणों को भी कम कर सकता है। एक कच्चा पपीता लें और उसे छील कर 3 से 4 कप पानी में 10 से 15 मिनट तक उबाल लें। इस पानी को छानकर गुनगुना ही इसका सेवन करें।
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हरीतकी
इस जड़ी बूटी में बैक्टीरिया-रोधी गुण होते हैं जो पेचिश के संक्रमण को कम कर सकते हैं। आधा चम्मच हरीतकी के पाउडर को 1 गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर रात को सोने से पहले पिएं। जब तक आपको आराम नहीं मिलता तब तक इस नुस्खे को आजमाते रहें। इस बात का ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में हरीतकी का सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
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नींबू
नींबू में माइक्रोबियल-रोधी गुण होते हैं और पेचिश माइक्रोबियल इंफेक्शन ही है। इस वजह से नींबू संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर पेचिश से जुड़े लक्षणों को कम कर सकता है। एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़ कर कुछ देर तक उबालें। इस पानी को छानकर पी लें।
अगर घरेलू नुस्खों से पेचिश कम नहीं हो रहे हैं और इसकी वजह से आपके शरीर में गंभीर रूप से पानी की कमी हो गई है तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर को दिखा लें। लगातार पेचिश होने के कारण शरीर में कई अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं इसलिए समय पर उपचार लेना बहुत जरूरी है।
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