पन्ना/छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी महिलाओं और ग्रामीण किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को जमानत मिलने के बाद भी रिहा नहीं किए जाने के आरोपों के बीच प्रभावित ग्रामीणों ने देर रात करीब 1 बजे वीडियो जारी कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
वीडियो में आदिवासी महिलाएं और किसान “अमित भटनागर को रिहा करो” के नारे लगाते नजर आए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है और विस्थापितों की आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
इधर, परियोजना प्रभावितों का “चिता आंदोलन” दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर महिलाएं और ग्रामीण प्रतीकात्मक विरोध के रूप में चिता के पास बैठकर प्रदर्शन करते रहे। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होगी और अमित भटनागर की रिहाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा, पुनर्वास और विस्थापन से जुड़े मुद्दों पर भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। आंदोलनकारी लगातार सरकार और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।