वॉशिंगटन: कोरोना (Coronavirus) से मुकाबले के लिए तैयार वैक्सीन (Vaccine) कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान कर सकती है. एक रिसर्च में सामने आया है कि कोरोना वैक्सीन पूरी दुनिया में कहर बरपाने वाले कोरोना वायरस को परास्त करने के साथ ही भविष्य में कैंसर (Cancer) से निपटने में भी कारगर हो सकती है. जिसकी वजह से हर साल 10 मिलियन लोगों की मौत होती है. रिसर्च में कहा गया है कि कोरोना वैक्सीन में मैसेंजर RNA या mRNA नामक न्यूक्लिक एसिड का उपयोग किया जाता है. एक वैक्सीन जर्मन फर्म बायोटेक एसई और उसके अमेरिकी साझेदार फाइजर इंक ने तैयार की है. दूसरी यू.एस. कंपनी Moderna इंक और तीसरी वैक्सीन पर जर्मनी की कंपनी CureVac NV काम कर रही है.
ऐसे होता है काम
शोध के मुताबिक, सामान्य टीके वायरस को निष्क्रिय या कमजोर कर देते हैं. लगाए जाने के बाद ये टीके शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को उत्तेजित करते हैं, जो बाद में लाइव पैथोजन से बचाव कर सकती है. लेकिन इस तरह के टीके बनाने की प्रक्रिया में विभिन्न रसायनों और सेल कल्चर की आवश्यकता होती है. इसमें समय लगता है और ऐसे में संक्रमण को फैलने का मौका मिल जाता है. हालांकि mRNA में ये समस्या नहीं है. वे शरीर को स्वयं ही आक्रामक प्रोटीन बनाने का निर्देश देते हैं – इस मामले में, वो जो एसएआरएस-सीओवी -2 के वायरल आरएनए से रैप है.
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Process को काफी छोटा बनाया
वैज्ञानिकों के अनुसार, mRNA की सबसे अच्छी बात यह है कि यह हमारी कोशिकाओं को बता सकता है कि हमें कौनसा प्रोटीन चाहिए. इसमें COVID-19 के अलावा कई अन्य बीमारियों के एंटीजन भी शामिल हैं. अपने दिन-प्रतिदिन के कार्यों में mRNA अपने molecular cousin से निर्देश लेता है. जीनोम के स्ट्रेच की नकल की जाती है, जिसे एमआरएनए साइटोप्लाज्म में पहुंचाता है, जहां राइबोसोम नामक छोटे सेलुलर प्रोटीन उत्पन्न करने के लिए सूचना का उपयोग करते हैं. BioNTech और Moderna ने इस पूरी प्रक्रिया को काफी छोटा आकर दिया है. जिसकी वजह से इनके ज्यादा प्रभावी और तुरंत असर दिखाने की उम्मीद है.
Corona से खुला रास्ता
शोधकर्ता 1970 के दशक से कहते आए हैं कि ये प्रक्रिया कई अन्य जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए भी कारगर हो सकती है, लेकिन इस दिशा में व्यापक शोध नहीं हो सके. क्योंकि इस तरह के अध्ययनों पर काफी खर्चा आता है. लेकिन अब जब कोरोना (Coronavirus) महामारी के चलते शोध हुए हैं, तो पुराने निष्कर्षों के आधार पर माना जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन कैंसर जैसी कई दूसरी जानलेवा बीमारियों से भी भविष्य में सुरक्षा प्रदान कर सकती है. मूल रूप से हंगरी की रहने वालीं वैज्ञानिक Enter Katalin Kariko ने इस दिशा में काफी काम किया है.