इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र में रहने वाले एक रिटायर्ड बुजुर्ग के साथ 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। निवेश पर बेहतर रिटर्न का लालच देकर आरोपी ने बुजुर्ग से अलग-अलग माध्यमों से बड़ी रकम निवेश करवाई और बाद में संपर्क तोड़कर फरार हो गया। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एमआईजी थाना क्षेत्र निवासी एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी पहचान एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने विभिन्न निवेश योजनाओं में पैसा लगाने पर अच्छा लाभ मिलने का भरोसा दिलाया था। आरोपी ने खुद को निवेश संबंधी जानकारी रखने वाला व्यक्ति बताते हुए बुजुर्ग का विश्वास जीत लिया।।बुजुर्ग ने आरोपी की बातों पर भरोसा करते हुए अलग-अलग चरणों में करीब 50 लाख रुपये विभिन्न योजनाओं में निवेश कर दिए। शुरुआती दौर में आरोपी उन्हें लाभ और बेहतर रिटर्न का आश्वासन देता रहा, जिससे उन्हें किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।
लेकिन कुछ समय बाद जब बुजुर्ग ने अपने निवेश और राशि के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की तो आरोपी टालमटोल करने लगा।शिकायत के अनुसार, बाद में आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और उससे किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं हो सका। काफी प्रयासों के बाद भी जब आरोपी का कोई पता नहीं चला, तब बुजुर्ग को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद उन्होंने एमआईजी थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी द्वारा प्राप्त की गई राशि, निवेश के दस्तावेजों और बैंक लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय संस्थाओं के माध्यम से ही निवेश करें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
बाइट – अमरेंद्र सिंह , एडिशनल डीसीपी , इंदौर


