श्योपुर न्यूज विजयपुर चुनाव विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई,हाई कोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला

जयपुर विधानसभा चुनाव से जुड़ा कानूनी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है.विजयपुर चुनाव मामले में आज यानी 8 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. इस मामले की शुरुआत मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के उस फैसले से हुई थी जिसमें 9 मार्च 2026 को कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य करते हुए भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को विजयपुर से निर्वाचित विधायक घोषित किया गया था।हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचा हाई कोर्ट में रामनिवास रावत ने चुनाव याचिका दायर कर मुकेश मल्होत्रा के नामांकन हलफनामे आपराधिक मामलों से संबंधित जानकारी छुपाने का आरोप लगाया था.हाई कोर्ट ने अपने फैसले में माना की महत्वपूर्ण जानकारी के कथित तौर पर छिपाए जाने से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हुए और इसी आधार पर मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन निरस्त कर दिया साथ ही दूसरे स्थान पर रहे रामनिवास रावत को विधायक घोषित करने का आदेश दिया गया था। हाई कोर्ट के फैसले के बाद मुकेश मल्होत्रा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. 19 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में मुकेश मल्होत्रा को बड़ी अंतरिम राहत दी. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश की अमल पर रोक लगाई और फिलहाल मुकेश मल्होत्रा को विधायक बने रहने की अनुमति दी. इस राहत के बाद रामनिवास रावत को तत्काल विधायक के रूप में कार्य संभालने का रास्ता रुक गया था.यानी विजयपुर की राजनीति की तस्वीर फिलहाल अदालत की सुनवाई से जुड़ी है. एक तरफ हाई कोर्ट का वहफैसला जिसमें मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त कर रामनिवास रावत को निर्वाचित घोषित किया गया था. वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम कार्रवाई है.जिसके चलते मुकेश मल्होत्रा को फिलहाल विधायक के तौर पर बने रहने की राहत मिली। आज 8 अक्टूबर की सुनवाई को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में लंबित इस कानूनी विवाद में आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक कॉज लिस्ट में 8 अक्टूबर की कार्रवाई दर्जी है उसे संबंधित दिन अलग-अलग पीठों की सुनवाई सूची जारी की गई है।विजयपुर विवाद का सीधा सा क्षेत्र की राजनीति पर भी पड़ रहा है. अदालत का अंतिम फैसला मुकेश मल्होत्रा के पक्ष में रहता है तो उनकी विधायक की पर कोई संकट नहीं रहेगा. यदि हाईकोर्ट के फैसले को अंतिम रूप से बरकरार रखा जाता है तो विजयपुर विधानसभा की राजनीतिक स्थिति पूरी तरह बदल सकती है। गौर तलब है कि 2024 के विजयपुर उपचुनाव में मुकेश मल्होत्रा कांग्रेस के टिकट पर विजय हुए थे. जबकि रामनिवास रावत भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थे.हाई कोर्ट में रावत की चुनावी याचिका के बाद यह पूरा विवाद कानूनी लड़ाई में बदल गया. हाई कोर्ट के 9 मार्च के फैसले ने जहां रावत को विधायक घोषित किया वहीं सुप्रीम कोर्ट की अंतिम राहत ने मुकेश मल्होत्रा की तत्काल विधायकी बचा ली।आज 8 अक्टूबर को दोनों मामले सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.विनोद चंद्रन की पीठ के समक्ष सुनवाई होगी

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