नई दिल्ली: विश्व भर में प्लास्टिक से फैलने वाले प्रदूषण (Plastic Pollution) की रोकथाम की दिशा में बड़ी सफलता मिलती दिख रही है. वैज्ञानिकों ने एक ‘सुपर-एंजाइम’ (super-enzyme) बनाया है, जो प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने में कारगर हो सकता है. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि सुपर-एंजाइम की खोज प्लास्टिक प्रदूषण संकट से निपटने की दिशा में बड़ी सफलता साबित हो सकती है.
छह गुना तोजी से रोकेगा प्रदूषण
सेंटर फॉर एंजाइम इनोवेशन Centre for Enzyme Innovation (CEI) के निदेशक प्रोफेसर जॉन मैकगीहन (John McGeehan) का कहना है कि सुपर-एंजाइम कुछ ही दिनों में प्लास्टिक (Plastic) को उसकी मूल सामग्री में बदलने या ब्लॉक बनाने में सक्षम है. यह एंजाइम एक तरह के बैक्टीरिया से उत्पन्न होता है. यह छह गुना तेजी से प्लास्टिक प्रदूषण रोकेगा.
अगले तीन वर्षों में हो सकता है तिगुना प्रदूषण
एक अध्ययन के अनुसार यदि कंपनियां और सरकारें प्लास्टिक उत्पादन में भारी कमी नहीं करती हैं तो समुद्र में बहने वाले और समुद्री जीवन को नष्ट करने वाले प्लास्टिक कचरे (plastic waste) की मात्रा अगले 20 वर्षों में तिगुनी हो सकती है.
प्लास्टिक प्रदूषण का चीन सबसे बड़ा श्रोत
ताजा कंट्री वाइज आंकड़ों के मुताबिक समुद्र में सबसे अधिक प्लास्टिक बोतलें, बैग और अन्य प्लास्टिक का कचरा चीन से बहाया जा रहा है.
हर मिनट खरीदी जाती हैं 10 लाख पानी की बोतलें
दुनिया भर में हर मिनट में दस लाख पानी की प्लास्टिक बोतलें खरीदी जाती हैं, जबकि हर साल दुनिया भर में 5 ट्रिलियन सिंगल-यूज़ प्लास्टिक बैग का उपयोग किया जाता है. प्लास्टिक के कुल उत्पाद में से आधे से ज्यादा केवल एक बार यूज किए जाते हैं और फेंक दिए जाते हैं.


