मध्य प्रदेश के खंडवा में जमीन बंटवारे के विवाद ने ऐसी खौफनाक शक्ल ली कि एक युवक ने अपने ही सगे और एक चचेरे भाई की जान ले ली। शराब में कीटनाशक दवा मिलाकर दोनों को पिलाने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने आरोपी संदीप पाल को दोहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद सिंह टेकाम की अदालत ने 29 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया।जिला अभियोजन संचालनालय, खंडवा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी संदीप पाल, निवासी मालिपुरा खेड़, को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोहरे आजीवन कारावास से दंडित किया गया है। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी रामदास जमरे ने की।जमीन के बंटवारे को लेकर था विवादमामले की शुरुआत 10 जनवरी 2024 को हुई, जब आनंद नगर, खंडवा निवासी प्रदीप पाल की अधिक शराब पीने से तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद इंदौर के एमवाय अस्पताल में उपचार के दौरान उसके भाई रवि पाल की भी मौत हो गई। शुरुआत में मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।जांच के दौरान मृतक प्रदीप पाल के पिता राजकुमार के बयान अहम साबित हुए। उन्होंने संदेह जताया कि संदीप पाल ने प्रदीप और रवि को शराब में कुछ मिलाकर पिलाया था। पूछताछ में जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद सामने आया। आरोप के मुताबिक, संदीप को आशंका थी कि बंटवारे में पैसे मिलने के बाद रवि पाल उसे जमीन पर कब्जा नहीं करने देगा। इसी रंजिश में उसने दोनों की हत्या की साजिश रची।शराब में मिलाई दो कीटनाशक दवाएंपुलिस जांच में सामने आया कि 6 जनवरी 2024 को आरोपी ने जावर की कृषि कीटनाशक दुकान से खरपतवार मारने वाली दो दवाएं खरीदीं। इसके बाद आनंद नगर के एक वाइन शॉप से एमडी रम की बोतल लेकर उसमें दोनों कीटनाशक दवाएं मिला दीं। आरोप है, कि आरोपी दोनों भाइयों को मोटरसाइकिल पर बैठाकर प्रणाम सिटी चौराहे के पास मेडिकल दुकान के नजदीक ले गया और वहां जहरीली शराब उन्हें पिला दी।दोनों की मौत के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की। प्रकरण में विसरा सुरक्षित कर रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा गया, जिसकी एफएसएल रिपोर्ट सकारात्मक पाई गई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।अभियोजन द्वारा पेश किए गए सबूतों और सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए दोहरा आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। यह फैसला जमीन के विवाद में दो जिंदगियां खत्म करने वाले मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।बाइट– मो. ज़ाहिद खान एडीपीओ खंडवा


