- 2004 के बाद रिपोर्ट में भारत की स्थिति नाजुक
- मुस्लिमों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा
कोरोना वायरस के कहर के बीच यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी कर दी है, लेकिन इस सलाना रिपोर्ट में भारत में कम होती धार्मिक आजादी पर चिंता जताई गई है. भारत को फिर से टीयर 2 में रखा गया है.
रिपोर्ट कहती है कि 2004 के बाद यह पहली बार है जब यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने अपनी रिपोर्ट में भारत की स्थिति पर चिंता जताई है. USCIRF की उप प्रमुख नादिने मेइन्जा ने कहा कि भारत में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) संभावित रूप से लाखों मुसलमानों को डिटेंशन में लेने, निर्वासित करने और राज्यविहीन करने की उस योजना को उजागर करता है जब सरकार अपने नियोजित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनसीआर) तैयार किया.
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अपनी वार्षिक रिपोर्ट में USCIRF कहता है कि 2018 में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति खराब हुई है. 2018 में लगभग एक तिहाई राज्य सरकारों ने गैर हिंदुओं और दलितों के खिलाफ भेदभावपूर्ण या गौ-हत्या विरोधी कानूनों को तेजी से लागू किया. इसके अलावा हिंसा से जुड़े गौ-रक्षा दल मुख्य रुप से मुस्लिमों और दलितों को निशाना बना रहे हैं.
यहां तक की गौ-हत्या या जबरन धर्म परिवर्तन के झूठे आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति की हत्या करने वाले मामलों में पुलिस जांच और अभियोजन अक्सर पर्याप्त तरीके से नहीं किए गए. देश के सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर निराशा जताई.
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धार्मिक मामलों में स्वतंत्रता को लेकर USCIRF ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (IRFA) के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में शामिल रहने या जारी रखने के कारण भारत को फिर से टीयर 2 में रखा गया है.
टीयर 2 का मतलब है कि ‘विशेष चिंता का देश’ या सीपीसी के रूप रूप में नामित होने के लिए ‘व्यवस्थित, चल रहे प्रबल’ मानक के कम से कम एक तत्व को पूरा करता है.
रिपोर्ट कहता है कि पिछले एक दशक में देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए स्थितियां खराब हुई है. आरएसएस समेत कई अतिवादी धार्मिक संगठनों ने धार्मिक हिंसा को बढ़ावा दिया है.
USCIRF अमेरिका का द्विपक्षीय निकाय
USCIRF ने 2019 की वार्षिक रिपोर्ट में जनवरी 2018 से लेकर दिसंबर 2018 तक के मामले शामिल हैं. USCIRF अमेरिका का एक स्वतंत्र द्विपक्षीय निकाय है जो विदेश में धार्मिक या आस्था की स्वतंत्रता के उल्लंघनों पर निगरानी रखता है. USCIRF की स्थापना 1998 में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (IRFA) द्वारा की गई थी. निगरानी के लिए USCIRF अंतरराष्ट्रीय मानकों का प्रयोग करने का दावा करता है.

