Vikas Dubey Killed in an encounter near Kanpur : what happened from 2 July to 10 July – विकास दुबे ढेर : 2 जुलाई की रात 10:30 बजे से 10 जुलाई की सुबह 7 बजे तक क्या-क्या हुआ, 10 प्वाइंट में जानिए

विकास दुबे ढेर : 2 जुलाई की रात 10:30 बजे से 10 जुलाई की सुबह 7 बजे तक क्या-क्या हुआ, 10 प्वाइंट में जानिए

कानपुर से थोड़ा ही पहले विकास दुबे का एनकाउंटर कर दिया गया है

नई दिल्ली :
कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करके फरार होने वाले गैंगस्टर विकास दुबे का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है. बताया जा रहा है कि रात में उज्जैन से कानपुर के लिए निकली एसटीएफ की टीम कानपुर से थोड़ा पहले पहुंची ही थी कि काफिले में शामिल एक कार हाइवे पर पलट गई. इस घटना का फायदा उठाकर विकास दुबे ने भागने की कोशिश की और दो-तीन किलोमीटर भागने के बाद उसे पुलिस ने गोली मार दी है. हालांकि पुलिस की इस थ्योरी से पर सवाल भी खड़े हो गए हैं कि जब इतने लाव-लश्कर के साथ पुलिस ने उसको पकड़ रखा तो फिर वह भागने में कैसे कामयाब हो गया. कुल मिलाकर विकास दुबे की कहानी खत्म होने के साथ ही सवालों के जवाब भी हमेशा के लिए दफन हो गए कि उसके अपराध में कौन-कौन से वर्दीधारी, सफेदपोश शामिल थे, जो शायद कोर्ट के सामने पता लग पाते. 

10 बड़ी बातें

  1. 2 जुलाई को रात 10:30 बजे के करीब राहुल तिवारी की शिकायत पर चौबेपुर थाने में विकास दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.  उसी रात 1 बजे तीन थानों की पुलिस सीओ देवेंद्र मिश्रा की अगुवाई में विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची. पुलिस के ऊपर फायरिंग शुरू हो गई. जिसमें देवेंद्र मिश्रा सहित 8 पुलिसकर्मियों की जान चली गई और कई घायल हो गए. 

  2. 3 जुलाई की सुबह तक विकास दुबे के बिकरू गांव में भारी लाव-लश्कर से साथ कई पुलिस अधिकारी और फोरेंसिक टीम पहुंच गई और विकास दुबे के घर को सील कर दिया गया. हालांकि विकास दुबे तब तक फरार हो चुका था. 

  3. 4 जुलाई को पुलिस ने ड्यूटी में लापरवाही के चलते चौबेपुर एसओ को निलंबित कर दिया और इसके साथ ही बिकरू गांव में पुलिस ने विकास दुबे का घर ढहा दिया और साथ ही उसकी लग्जरी कारें भी तोड़ डालीं. 

  4. 5 जुलाई को खबर आई कि विकास दुबे की गैंग का एक गुर्गा दयाशंकर अग्निहोत्री पकड़ा गया है. उसने मीडिया के सामने बताया कि गांव में पुलिस पहुंच रही है इस भनक की उसे थाने से ही पता चली है. इसके पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए. 

  5. 6 जुलाई को विकास के लिए मुखबिरी करने के शक में दो दरोगा और 1 एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया. विकास दुबे पर ईनाम बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया गया.  विकास के भतीजे के पत्नी, नौकरानी और एक पड़ोसी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.  

  6. 7 जुलाई को खबर आई कि विकास दुबे को फरीदाबाद में देखा गया है. पुलिस  उसे होटल में पकड़ने गई थी. लेकिन वह ऐन वक्त पर वहां से फरार हो गया. हालांकि इस बात की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई थी कि वह विकास दुबे था या नहीं.  फरीदाबाद से ही पुलिस ने विकास के दो गुर्गों को पकड़ लिया. शक के दायरे में एसटीएफ के डीजी अनंत देव को हटा दिया गया. विका दुबे पर इनाम बढ़कर 5 लाख कर दिया गया था. 

  7. 8 जुलाई को चौबेपुर थाने को एसओर और एक थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया गया और विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे के पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया गया. उस पर भी 50 हजार का ईनाम था. 

  8. 9 जुलाई को एक नाटकीय घटनाक्रम में उज्जैन में महाकाल के दर्शन के दौरान सुबह उसे 7 से 10 बजे के करीब गिरफ्तार किया गया. उसके गिरफ्तार होते ही कई तरह के सवाल उठे कि इतनी जगह नाकेबंदी के बाद भी वह उज्जैन कैसे पहुंच गया.  

  9. उससे पहले फरीदाबाद से पकड़े गए विकास के गुर्गे प्रभात मिश्रा को पुलिस ने मार गिराया. वह टायर पंक्चर होने के बाद भागने की कोशिश में मारा गया.

  10. 10 जुलाई यानी आज विकास दुबे को करीब 7 और 7:30 बजे के बीच पुलिस ने मार दिया है. बताया जा रहा है कि एसटीएफ की एक कार पलट गई. जिसके बाद वह भागने की कोशिश में मारा गया है.  


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here