MP Weather Update : मध्य प्रदेश में बढ़ने लगी ठंड

भोपाल। दीपावली के बीतते ही मध्य प्रदेश के मौसम ने बड़ी करवट ली है। प्रदेश के सभी जिलों में ठंड ने जोरदार दस्तक दे दी है। अधिकांश जिलों का न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो सकता है। इसके अलावा कहीं-कहीं बूंदाबांदी का दौर भी जारी है। आलम यह है कि प्रदेश के 32 जिलों में रिकॉर्ड तापमान के अनुसार 18 जिलों का न्यूनतम पारा गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ गया। अधिकतम तापमान में भी बड़ी गिरावट आई है। सोमवार को 14 जिलों का अधिकतम तापमान गिरकर भी 30 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। सर्वाधिक अधिकतम तापमान भी गिरकर 32.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। रीवा और शहडोल संभाग के जिलों के अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट आई। न्यूनतम तापमान भी शहडोल जिले के संभागों में तेजी से कम हुआ। 12.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा। जबकि 12.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राजगढ़ सबसे ठंडा जिला बना। दतिया में 12.7, ग्वालियर में 12.6, रायसेन में 13.2, बैतूल में 13.2, गुना में 13.7, उज्जैन में 13.8, मलाजखंड में 13.7, नौगांव में 13.3, छिंदवाड़ा में 14.3, भोपाल में 14.6, इंदौर में 17.4 और जबलपुर में 15 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।
अधिकतम तापमान की बात की जाए तो मंडला में 32.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। नरसिंहपुर में 32, रतलाम में 32, नर्मदापुरम में 31.3, भोपाल जिले में 29.5, ग्वालियर में 28.7, इंदौर में 29.1 और जबलपुर में 29.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
प्रमुख बड़े शहरों का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंचने से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में भी ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश में कोई भी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, लेकिन 15 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने वाला है। इस कारण प्रदेश के वातावरण में नमी बढ़ेगी और आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश की ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों के साथ ही सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ में भी कुछ स्थानों में हल्की बारिश हो सकती है। इस कारण अब पर में गिरावट आने की संभावना है। उत्तर भारत में कुछ स्थानों में बारिश होने के कारण भी प्रदेश की ग्वालियर संभाग में नमी और हल्की बारिश होने की आसार हैं। नए मौसम सिस्टम बनने के बाद टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, सागर, रायसेन, विदिशा सहित कुछ और जिलों में आने वाले तीन से चार दिनों में बौछारें पड़ सकती हैं।

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