Weight Loss Stories: Weight loss story: 104 किलो की स्वीटी का लोग उड़ाते थे भद्दा मजाक, इस तरह घटाया 38 किलो वजन

मोटापा बढ़ने के बाद न सिर्फ दूसरे लोग आपका मजाक मनाते हैं और आपको असहज महसूस कराते हैं बल्कि इससे कई दफा आपके अपने भी मुंह मोढ़ लेते हैं। इसके अलावा मोटापा स्ट्रोक, कैंसर, प्रजनन क्षमता में कमी, दिल की बीमारी, ऑस्ट्रियोआर्थराइटिस, टाइप 2 डाइबिटीज, पित्ताशय की बीमारी, सांस फूलना, उच्च रक्तचाप, लिवर में मोटापा, नर्व डिसऑर्डर जैसी कई गंभीर बीमारियों का एक फैक्टर भी है। हालांकि, आपको बता दें कि मोटापा बढ़ने का कोई एक नहीं बल्कि कई कारण होते हैं।

लेकिन जब एक व्यक्ति या महिला अपने आइडल वेट से हैवी दिखने लगती है तो दूसरे लोग उसे देख अक्सर यही सोचते हैं कि वो आलसी है, कुछ करती नहीं, खाती ही रहती है जैसी दुनिया भर की बातें उसे सुनने को मिलती हैं। इन सभी बातों का सामना हरियाणा की रहने वाली स्वीटी राठी ने भी किया है। इस आर्टिकल में हम आपको स्वीटी की वेट गेन से लेकर वेट लॉस स्टोरी के बारे में बता रहे हैं जो तमाम महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं।

​मां बनने के बाद बढ़ने लगा था मोटापा

स्वीटी ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में बताया कि टीनएज में वे कभी मोटी नहीं थी, वे हमेशा से अपने आइडल वेट को लेकर सजग थीं लेकिन शादी होने के बाद उनकी लाइफ में अचानक से उस वक्त बदलाव आया जब वे मां बनीं। चूंकि स्वीट के दोनों बच्चे सिजेरियन-सेक्शन या सी-सेक्शन प्रोसेज के जरिए हुए हैं जिसके बाद उनका मोटापा अचानक से बढ़ने लगा था। उस बीच स्वीटी का वजन 78 किलो का तब उन्हें लगने लगा था कि वे अतिरिक्त किलो बढ़ा रही हैं और तभी उन्होंने वर्कआउट शुरू कर दिया था तब थोड़ा बहुत वजन कम हुआ लेकिन वे पूरी तरह से फिट नहीं हो पाईं।

स्वीटी की डिटेल

नाम – स्वीटी राठी

कामकाज – हाउस वाइफ

उम्र – 31 साल

लंबाई – 5 फुट 3 इंच

शहर – गुरुग्राम, हरियाणा

अधिकतम वजन – 104 किलोग्राम

वेट लॉस – 38 किलोग्राम

वजन कम करने में समय – 12 से 13 महीने

​मोटापे में इन मेडिकल इशु का सामना कर रही थीं स्वीटी

स्वीटी बताती हैं जब उनका वजन 68 और 70 के बीच था तब उन्होंने बेटी को भी जन्म दिया। डिलेवरी के बाद स्वीटी का वजन बहुत तेजी से बढ़ा और वे 104 किलो की हो चुकी थीं। इस बीच उन्हें PCOD की समस्याएं बढ़ने लगी थीं और प्री डायबिटिक की चपेट में भी वे आ चुकी थीं। बाल भी झड़ने लगे थे और सफेद हो गए थे। घुटनों में बहुत दर्द होने लगा था और कंप्लेक्स भी बिल्कुल डार्क हो चुका था। घर के काम करने में भी परेशानियां आती थीं।

रिश्तेदारों के बीच मजाक बनता था और लोग तरह-तरह की बातें किया करते थे। एक मोमेंट को बताते हुए स्वीटी कहती हैं कि एक बार तो उनकी नन्हीं बेटी भी हाथ से छूट गई थी जिसके बाद उन्होंने उसे गोद में लेना बंद कर दिया था। इन सभी समस्याओं के बाद स्वीटी ने इलाज तो कराया लेकिन डॉ. ने उन्हें एक्टिव रहने की सलाह दी।

​जिम और योग की सहायता से

डॉ. की सलाह के बाद प्रीती ने वर्कआउट करना शुरू किया। वे कहती हैं बहुत से लोग बताते हैं कि उनका 3 माह में किसी स्पेशल डायट या सप्लिमेंट से वजन घट जाता है लेकिन ऐसा उनके साथ बिल्कुल भी नहीं था। उन्हें वजन घटाने में 1 से डेढ़ साल लगे न कि बहुत जल्दी हुआ। बकौल प्रीती ऐसा कोई शॉर्ट कट नहीं है कि आप 104 से 68 पर आ जाओ। वजन घटाने के लिए बहुत ज्यादा डेडीकेशन की जरूरत है और वही स्वीटी ने किया। शुरुआत स्वीटी ने वॉक से की थी और फिर उन्होंने धीरे-धीरे 10 हजार स्टेप्स करने शुरू कर दिए। इसके बाद कार्डियो और वेट ट्रेनिंग जैसी एक्सरसाइज शुरू की जिसे वे डेली 25-25 मिनट देती हैं। उन्होंने 6 माह जिम में वर्कआउट किया और इसके बाद उन्होंने 5 माह तक योग कर अपनी बॉडी को फ्लेक्सिबल बनाया।

​डायट को 80 फीसदी क्रेडिट देती हैं स्वीटी

-80-

स्वीटी वेट लॉस के लिए 80 फीसदी क्रेडिट अपनी डाइट को देती हैं और 20 फीसदी वर्कआउट को। स्वीटी हर रोज प्रोटीन युक्त डायट लेती हैं जिसमें कार्ब की मात्रा बहुत कम होती है। ट्रांसफॉर्मेशन में स्वीटी डिटॉक्स वाटर को भी प्लस प्वाइंट मानती हैं। वे हर रात को 2 से ढाई लीटर पानी में एक खीरा, एक नींबू और कुछ पुदीने के पत्ते डालकर डिटॉक्स वाटर तैयार करती हैं और अगले दिन खाली पेट इसे पीती हैं। वे इस पानी को दोपहर तक पूरा खत्म कर देती हैं। वजन घटने के बाद स्वीटी फिटनेस लाइन में ही कोर्स कर रही हैं ताकि वे आगे दूसरे लोगों को शेप में ला सकें। अगर आप भी मोटापे का शिकार हैं तो इस वेट लॉस स्टोरी को पढ़कर आप भी खुद को शेप में ला सकते हैं।


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