- सिविल इंजीनियर ने मंत्री के समर्थकों पर लगाया था पिटाई का आरोप
- मंत्री की मॉर्फ्ड तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का था विवाद
महाराष्ट्र सरकार एक ओर जहां कोरोना वायरस के जानलेवा कहर से निपटने की कोशिशों में लगी है वहीं दूसरे मामले भी उसे चैन की सांस नहीं लेने दे रहे हैं. मंत्री अव्हाड़ और इंजीनियर के बीच हुए विवाद का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है. उद्धव सरकार में आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाड़ पर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए बांबे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. एक मंत्री पर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए लगाई गई याचिका पर सुनवाई के दौरान बांबे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, “यह मामला सीबीआई को ट्रांसफर क्यों नहीं कर दिया जाना चाहिए.”
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि जिस दिन मंत्री की मॉर्फ्ड तस्वीर पोस्ट करने के लिए इंजीनियर को कथित रूप से पीटा गया था, उस दिन के अव्हाड़ के घर के आसपास की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित किए जाएं. बता दें कि याचिका में एफआईआर में अव्हाड़ का नाम शामिल करने की मांग की गई थी. क्योंकि दर्ज एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ है.
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बता दें कि कुछ दिनों पहले ठाणे में एक सोशल मीडिया पोस्ट के चक्कर में मंत्री के समर्थकों और पुलिसकर्मियों पर एक सिविल इंजीनियर ने पिटाई करने का आरोप लगाया था. ठाणे शहर के रहने वाले अनंत करमूसे ने आरोप लगाया था कि फेसबुक पोस्ट को लेकर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जितेंद्र अव्हाड़ के समर्थकों ने उनकी पिटाई की है. अनंत के द्वारा पिटाई की जो तस्वीर साझा की गई थी, वह डरावनी है क्योंकि उनकी पीठ पर पिटाई से आई चोट के काफी निशान हैं.
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अनंत करमूसे का आरोप है कि उनके घर पर दो पुलिसवाले आए, जो उन्हें महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जितेंद्र अव्हाड के बंगले पर ले गए. वहां पर मंत्री के समर्थकों ने उन्हें बुरी तरह से पीटा, जो कि सिर्फ एक पोस्ट के चक्कर में हुआ.