मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोविड-19 संकट के समय केन्द्र सरकार को आगे बढ़कर राज्यों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए.
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (Congress Working Committee) की बैठक में कोरोना महामारी (COVID-19) को लेकर विस्तार से चर्चा की गई है.
सीएम ने राज्य में हो रहे कार्यों की दी जानकारी
सीएम बघेल ने बैठक में बताया कि मनरेगा के तहत प्रदेश की कुल 11,497 ग्राम पंचायतों में से 9494 ग्राम पंचायतों में 41 हजार 495 कार्य प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें 11 लाख 78 हजार से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं. कृषि गतिविधियों के लिए छूट प्रदान की गई है. खाद, बीज की आपूर्ति के भी प्रबंध किए गए हैं. राजीव गांधी किसान न्याय योजना भी शीघ्र प्रारंभ कर किसानों को धान के 2500 रूपए प्रति क्विंटल और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का वितरण प्रारंभ किया जाएगा. वनांचलों में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां पूरी कर ली गई है. इस कार्य में लगभग 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 650 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया जाएगा. राज्य सरकार ने महुआ की खरीदी 17 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से करने का निर्णय लिया है.
सीएम ने केंद्र से आर्थिक सहायता की मांग दोहराईमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोविड-19 संकट के समय केन्द्र सरकार को आगे बढ़कर राज्यों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए, तभी कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई को जीता जा सकेगा. सीएम बघेल ने सोनिया गांधी को बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से 30 हजार करोड़ रूपए के पैकेज की मांग की गई है, जिससे प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और कल्याणकारी योजनाओं तथा राज्य के सामान्य काम-काज का संचालन सुचारू रूप से संभव हो सके. सीएम बघेल ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से इस राशि में से 10 हजार करोड़ रूपए तत्काल जारी करने का आग्रह किया है ताकि उद्योग, व्यवसाय, सेवा क्षेत्र एवं कृषि क्षेत्र को आर्थिक सहायता दी जा सके.
केंद्र से मांगी गई रियायत की भी दी जानकारी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में कोविड-19 के प्रसार की नियंत्रित स्थिति को देखते हुए राज्य को आंशिक राजस्व प्राप्ति से संबंधित आर्थिक गतिविधियों के संचालन की छूट तत्काल प्रदान करने का आग्रह किया है. सीएम ने यह भी बताया कि केन्द्र सरकार से मिठाई दुकानों के संचालन में छूट की मांग की गई है, जिससे दुग्ध उत्पादक कृषकों का दूध बिकना संभव हो सके. इसी तरह कोविड-19 संक्रमण रोकने गाइडलाइन का पालन करते हुए संपत्तियों के क्रय-विक्रय के पंजीयन की छूट सहित वाहनों के शो रूम का संचालन एवं पंजीयन, शहरों में निर्माण कार्यों के संचालन, ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए एयर कंडिशनर, कूलर एवं फ्रिज के शो रूम के संचालन, समस्त प्रकार के रिपेयरिंग कार्य और सभी ग्रीन जिलों में सभी प्रकार के रीटेल कार्य खोलने की छूट मांगी गई है.
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First published: April 23, 2020, 2:26 PM IST