indian corona vaccine: जो गरजते हैं वे बरसते नहीं, क्या कोरोना वैक्सीन के मामले में भी सही साबित हो रही है यह बात? – soon indian will get their own coronavirus vaccine said doctor harsh vardhan the health minister

बहुत खामोशी से हो रहा है कोरोना वायरस की स्वदेशी वैक्सीन पर काम। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने खुद इस के बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि नए साल के शुरुआती महीनों में ही स्वदेशी वैक्सीन से देश की एक बड़ी आबादी को कोरोना संक्रमण से सुरक्षा का टीका लगा दिया जाएगा। लेकिन ज्यादातर मीडिया रिपोर्ट्स में आपको विदेशी वैक्सीन पर हो रहे काम के बारे में जानकारी दी जा रही है।

अमेरिका की फार्मा कंपनी फाइजर द्वारा तैयार की जा रही कोरोना वैक्सीन, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की जा रही कोविड वैक्सीन, रूस द्वारा तैयार की जा रही वैक्सीन स्पूतनिक-वी और अमेरिका की ही दवा उत्पादक कंपनी मॉडर्ना द्वारा तैयार की जा रही वैक्सीन के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। हो सकता है आनेवाले समय में ये दावे सच भी साबित हों। लेकिन भारत को ध्यान में रखते हुए एक सबसे बड़ा सच यह है कि हमारे देश की ज्यादातर आबादी को स्वदेशी वैक्सीन के माध्यम से ही कोरोना संक्रमण से बचाया जा सकेगा।

यह बात अलग-अलग टीवी डिबेट्स और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर कही जा रही है। क्योंकि विदेशी कंपनियों द्वारा तैयार की जा रही कोरोना वैक्सीन से जुड़े दावे जितने बड़े हैं, इन वैक्सीन्स की कीमत भी उतनी ही हाई है। इसके साथ ही यदि इन दवाओं को बड़ी मात्रा में भारत में मंगाया जाता है तो इन्हें स्टोर करने के लिए बड़े निवेश और अधिक समय की जरूरत पड़ेगी। हालांकि अपने देश के लोगों की सेहत को प्राथमिकता से लेते हुए भारत सरकार द्वारा बड़ी संख्या में कोरोना वैक्सीन लेने का करार कर लिया गया है। 14 दिन क्वारंटाइन के बाद भी बरतें ये सावधानियां, परिवार में नहीं फैलेगा कोरोना संक्रमण

भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कब तक आएगी?

जानकारी के अनुसार, स्वदेशी वैक्सीन पर अधिक भरोसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि विदेशों द्वारा तैयार की जा रही कोरोना वैक्सीन्स को स्टोर करने के लिए हाई क्वालिटी कोल्ड स्टोरेज की जरूरत है। ताकि इन दवाओं का अत्यधिक ठंडे तापमान पर भंडारण किया जा सके। इनमें से कुछ दवाओं को तो माइनस 90 डिग्री तक तापमान की जरूरत पड़ेगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए यदि भारत की वर्तमान स्थिति को देखें तो इन शर्तों के साथ ये विदेशी टीके गांव-देहात में रहनेवाले लोगों को लगाना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा। एक गलती जो जानलेवा बना रही है कोरोना वायरस को

भारत कोविड वैक्सीन बनाने में सक्षम है
-गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्र डॉक्टर हर्षवर्धन ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा था कि भारत अपने देश के लोगों की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो रहा है। यह बात कोरोना संक्रमण के मामले में भी लागू होती है। हम पूरी तरह सक्षम हैं कि कोरोना संक्रमण का टीका तैयार कर अपने देश लोगों को इससे सुरक्षा प्रदान कर सकें। नए साल के शुरुआती महीनों में भारत की अपनी कोरोना वैक्सीन बनकर तैयार हो जाएगी, इसकी पूरी उम्मीद है।

आपको याद दिला दें कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से भारत बायोटेक कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए ”कोवैक्सिन” नामक टीका स्वदेशी रूप से विकसित कर रही है। आप पर जल्दी अटैक करेगा कोरोना, अगर आपके शरीर में है इस विटमिन की कमी

बहुत समय लगता है वैक्सीन बनाने में
-यदि भारत सहित दुनिया का कोई भी देश अगले कुछ महीनों में कोरोना की वैक्सीन को पूरी तरह तैयार कर लेता है, तो यह अपने आपमें एक रेकॉर्ड होगा। क्योंकि किसी भी बीमारी की वैक्सीन तैयार करने में आमतौर पर 7 से 15 साल का समय लगता है। ऐसे में मात्र 15 से 16 महीनों के अंदर वैक्सीन तैयार कर लेना मेडिकल की दुनिया में एक नए युग की शुरुआत होगी। Corona and Travelling Tips: इस वायरस से बचने के लिए यात्रा के दौरान अपनाएं ये उपाय


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here