बता दें, रेलवे ने 1 जून से 200 ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया है, जिसमें रायपुर रेल मंडल से तीन गाड़ियां रायगढ़-गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस, मुंबई-हावड़ा मेल और हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस चल रही हैं. वहीं 12 मई से बिलासपुर-नई दिल्ली-बिलासपुर राजधानी चल रही है. ये सभी गाड़ियां पूरी तरह आरक्षित हैं. इन ट्रेनों में एसी और स्लीपर कोच हैं. जरनल डिब्बे में बैठने के लिए भी आरक्षण हो रहा है. जनरल कोच के लिए सेकंड सिटिंग का आरक्षण किया जा रहा है.
इसी कड़ी में यात्रियों की सुविधा के लिए रायपुर रेल मंडल के स्टेशनों पर आरक्षण केंद्रों के आरक्षित टिकट काउंटर 22 मई से शुरू कर दिये गये हैं. रायपुर रेल मंडल में रायपुर, भिलाई पावर हाउस, कुम्हारी, दुर्ग, भिलाई, मंदिर हसौद, तिल्दा नेवरा, भाटापारा, हथबंद, बिल्हा, बालोद, दल्लीराजहरा, गुंडरदेही भानुप्रतापपुर, राजिम और धमतरी रेलवे स्टेशनों के आरक्षण केंद्रों इन 7 दिनों के भीतर आरक्षित टिकट बुकिंग 1223 हुई, जिससे 7,70,035 राजस्व मिला और 67,375 टिकट रद्द किए गए जिसमें रेलवे ने यात्रियों को 4,48,85,475 रुपए का रिफंड किया.
कहां कितना रिफंडरायपुर रेलवे स्टेशन से 22 मई से 31 मई तक आरक्षित टिकट बुकिंग 271 हुई जिससे 2,47,745 राजस्व मिला और 24889 टिकट रद्द किए गए. रेलवे ने यात्रियों को 1,79,94,710 रुपए का रिफंड किया. दुर्ग स्टेशन से इन 7 दिनों में बुकिंग 513 टिकटों की हुई जिससे 12,728 राजस्व मिला और 14202 टिकट रद्द किए गए रेलवे ने यात्रियों को 92,22,980 रुपए का रिफंड किया. भिलाई पावरहाउस स्टेशन से 22 मई से 31 मई को आरक्षित टिकट बुकिंग 91 हुई, जिससे 90,575 राजस्व मिला एवं 13077 टिकट रद्द किए गए रेलवे ने यात्रियों को 72,84,515 रुपए का रिफंड किया. भाटापारा स्टेशन में भी आरक्षित टिकटों की संख्या 88 रही, जिससे रेलवे को 33,565 का राजस्व मिला और 1719 टिकट रद्द किए गए रेलवे ने यात्रियों को 12,24,555 रुपए का रिफंड किया. सभी आरक्षण केन्द्रों में भीड़ ज्यादातर रिफंड लेने वालों की लगी है जबकि यात्रा करने वालों की संख्या बेहद कम है.
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