- छात्रों को लेकर रविवार शाम तक जम्मू पहुंच जाएंगी बसें
- बसों से रवाना करने से पहले छात्रों की स्क्रीनिंग की गई
मध्य प्रदेश में रहकर पढ़ाई कर रहे जम्मू-कश्मीर के सैंकड़ों विद्यार्थियों के लिए शनिवार का दिन राहत लेकर आया. शनिवार शाम मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पढ़ाई कर रहे जम्मू-कश्मीर के 458 छात्र-छात्राओं को बसों से रवाना कर दिया गया. ये छात्र-छात्राएं जल्द ही अपने घर पहुंच जाएंगे.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 324, इंदौर से 69, जबलपुर से 25, उज्जैन से 18, सागर से 11 और ग्वालियर से 11 छात्र-छात्राओं को विशेष बसों से जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना किया गया है. बसों में छात्र-छात्राओं के लिए खाने के पैकेट और पानी की बोतलों का भी इंतजाम किया गया.
दरअसल, मध्य प्रदेश में फंसे जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं को वापस भेजने के लिए कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को खत लिखा था, जिसके बाद इन छात्र-छात्राओं की घर वापसी हो रही है. इससे पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दूसरे राज्यों में रह रहे कश्मीरी छात्र-छात्राओं की जानकारी उन सरकारों को भेजी थी.
बसों से रवाना करने से पहले बाकायदा छात्र-छात्राओं की स्क्रीनिंग की गई और उनको मास्क पहनाया गया. इस दौरान कश्मीरी छात्र-छात्राओं के चेहरे पर घर जाने की खुशी साफ झलक रही थी.
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आजतक से बातचीत में भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के छात्र एजाज़ ने कहा कि उनको इस बात की खुशी है कि वो आखिरकार आज अपने घर जा रहे हैं. उन्होंने गांदरबल में अपने घरवालों को भी इसकी जानकारी दे दी है. उनके घर वाले लॉकडाउन शुरू होने के बाद से उनकी घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं.
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वहीं डोडा के रहने वाले मुश्ताक ने बताया कि लॉकडाउन के शुरुआत में ज्यादा दिक्कत नहीं थी, लेकिन लॉकडाउन आगे बढ़ने से खाने-पीने की समस्या होने लगी थी. बहरहाल इन छात्र-छात्राओं को लेकर रवाना हुई बस रविवार शाम तक जम्मू पहुंच जाएगी, जहां से जम्मू-कश्मीर प्रशासन अपनी बसों से इनको उनके घर पहुंचाएगी.
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